आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए जब भारतीय टीम का ऐलान हुआ, तो सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हुई, वह हैं युवा तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा। नंदनी ने बहुत कम समय में अपने खेल में खास पहचान बना ली है। खास बात यह है कि उन्हें अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का मौका नहीं मिला, फिर भी चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताते हुए सीधे वर्ल्ड कप टीम में जगह दी है।
नंदनी का क्रिकेट महिला प्रीमियर लीग से शुरू हुआ, जहां उन्होंने लगातार अपनी तेज गेंदबाजी और स्विंग से बल्लेबाजों को परेशान कर रखा था । लेकिन असली पहचान उन्हें महिला प्रीमियर लीग 2026 में मिली, जब उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स महिला टीम के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इस लीग में उन्होंने एक मैच में 33 रन देकर 5 विकेट लेकर सबको चौंका दिया, वहीं हैट्रिक लेकर इतिहास भी रच दिया। वह महिला प्रीमियर लीग में हैट्रिक लेने वाली पहली भारतीय गेंदबाज बनीं, जिसने उन्हें रातों-रात सुर्खियों में ला दिया।
गेंदबाजी से मिली पहचान
उनकी गेंदबाजी की खासियत उनकी गति के साथ-साथ स्विंग और कंट्रोल है, जिससे वह नई गेंद के साथ-साथ डेथ ओवर्स में भी असरदार साबित होती हैं। इसी दमदार प्रदर्शन के चलते चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टीम के भविष्य के रूप में देखा और बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें सीधे वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शामिल कर लिया। इस टीम की कमान हरमनप्रीत कौर के हाथों में है, जबकि अनुभवी खिलाड़ियों के बीच नंदनी जैसी युवा खिलाड़ी को मौका देना टीम के नए विजन को भी दर्शाता है।
अब सबकी नजर नंदनी शर्मा पर टिकी है कि वह बिना इंटरनेशनल अनुभव के इतने बड़े मंच पर कैसा प्रदर्शन करती हैं। अगर वह अपने घरेलू और लीग फॉर्म को दोहरा पाती हैं, तो वह आने वाले समय में भारतीय महिला क्रिकेट की बड़ी स्टार बन सकती हैं।
पढाई के साथ खेल का सफ़र
नंदनी शर्मा की पढ़ाई और क्रिकेट तक पहुंचने की कहानी उनके संघर्ष और मेहनत से जुड़ी हुई है। उनका जन्म 20 सितंबर 2001 को चंडीगढ़ में हुआ था और शुरुआती पढ़ाई भी वहीं के स्थानीय स्कूलों से हुई। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सामान्य तौर पर पूरी की और इसके साथ ही खेलों में भी रुचि दिखानी शुरू कर दी। बाद में उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट को गंभीरता से लेना शुरू किया और कॉलेज स्तर पर खेलते हुए अपने खेल को निखारा। नंदनी का परिवार शुरू से ही खेलों में रुचि रखने वाला रहा, जिससे उन्हें आगे बढ़ने का हौसला मिला। शुरुआती दौर में उन्होंने स्थानीय क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग ली, जहां उनकी तेज गेंदबाजी पर खास ध्यान दिया । यहीं से उनकी प्रतिभा को पहचान मिली और उन्होंने जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करना शुरू किया ।
नंदिनी का टर्निंग पॉइंट
धीरे-धीरे उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने क्रिकेट में जगह दिलाई और फिर महिला प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स महिला टीम का हिस्सा बनीं। यहां उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी और विकेट लेने की क्षमता से सबको प्रभावित किया, खासकर एक मैच में 5 विकेट और हैट्रिक लेकर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। यही शानदार प्रदर्शन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बना, जिसके बाद उन्हें सीधे भारतीय टीम में जगह मिली, भले ही उन्होंने अभी तक इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया था।
