महासमुंद शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली बीटीआई (BTI) रोड इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। यातायात का दबाव कम करने और शहर को आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से शुरू किया गया चौड़ीकरण प्रोजेक्ट अब आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। पिछले कई महीनों से निर्माण कार्य बंद पड़ा होने के कारण यह मार्ग लगातार हादसों का केंद्र बनता जा रहा है।
अब धूल और अव्यवस्था का अंबार
करीब एक वर्ष पहले इस सड़क को टू-लेन से फोर-लेन में तब्दील करने का कार्य शुरू किया गया था। शुरुआती दौर में प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाया और नाली निर्माण की प्रक्रिया शुरू की थी। उस समय दावा किया गया था कि तय समय सीमा में सड़क का डामरीकरण और सौंदर्यीकरण पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन जमीनी स्थिति पूरी तरह इसके विपरीत है।

अधूरी सड़क बनी खतरे की वजह
सड़क को खोदकर अधूरा छोड़ देने से जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। लगातार उड़ती धूल गिट्टियों और मिट्टी के कारण पूरे दिन धूल का गुबार बना रहता है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापार पर असर
सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्राहक इस मार्ग से आना कम कर रहे हैं, जिससे दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अधूरी नालियां बनी समस्या: ड्रेनेज के लिए खोदी गई नालियां कचरे से भर चुकी हैं, जिससे हल्की बारिश में भी जलभराव की स्थिति बन जाती है। काम रुकने के पीछे क्या हैं कारण
निर्माण कार्य ठप
बताया जा रहा है कि ठेकेदार का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिसके चलते काम रोक दिया गया है। विभागीय समन्वय की कमी: बिजली के खंभों और पानी की पाइपलाइन शिफ्टिंग को लेकर संबंधित विभागों के बीच तालमेल का अभाव है। मॉनिटरिंग की कमी: समय सीमा बीत जाने के बाद भी ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लापरवाही बढ़ती गई। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। बीटीआई रोड निवासी राजेश, संजय, मुन्ना ने नाराजगी जताते हुए कहा यह सड़क नहीं, धूल और गड्ढों का मैदान बन चुकी है। प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
उठते सवाल
- बीटीआई रोड की यह स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है
- क्या इस परियोजना के लिए बजट की कमी है या इच्छाशक्ति का अभाव
- आम जनता की सेहत और आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा
- दोषी ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही
बीटीआई रोड का अधूरा चौड़ीकरण अब महासमुंद शहर के विकास दावों पर सवालिया निशान बन चुका है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस समस्या पर गंभीरता दिखाएगा और निर्माण कार्य को दोबारा गति दी जाएगी, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।