सिटी कोतवाली पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ते हुए ग्राम कोतरी में संचालित एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। 29 अप्रैल 2026 को हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने न केवल शराब तस्करों के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि उस 'सप्लाई चेन' को भी काट दिया है जो गांव में नशे के इस काले कारोबार को खाद-पानी दे रही थी।
किराना स्टोर बना था तस्करी का 'कंट्रोल रूम'
इस पूरे खेल का सबसे चौंकाने वाला पहलू एक किराना स्टोर का शामिल होना था। मुखबिर की सूचना पर जब पुलिस ने जाल बिछाया, तो पता चला कि कोतरी निवासी 60 वर्षीय विजय अग्रवाल अपने किराना स्टोर की आड़ में अवैध शराब बनाने वालों को कच्चा माल सप्लाई करता था। वह शराब बनाने के लिए आवश्यक महुआ फूल, ईस्ट, गुड़ और शक्कर जैसे सामान की होम डिलीवरी करता था ताकि धंधा बिना किसी रुकावट के चलता रहे। पुलिस ने विजय के पास से 48 किलो से अधिक महुआ फूल और ईस्ट के पैकेट बरामद किए हैं।
घरों में सजी थीं अवैध 'मिले'
निरीक्षक कामिल हक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जब गांव में दबिश दी, तो नजारा हैरान करने वाला था। कार्रवाई का क्रम कुछ इस प्रकार रहा:
गोस्वामी दंपत्ति पर शिकंजा: पुलिस ने सबसे पहले शुभम गिरी गोस्वामी (30) और उसकी पत्नी तुलसी गोस्वामी (23) के घर छापा मारा। यहां कमरे के भीतर डिब्बों और ड्रमों का अंबार लगा था। पुलिस ने यहां से 150 लीटर महुआ शराब, 840 किलो महुआ लहान और भारी मात्रा में ईस्ट जब्त किया।
सावित्री साहू की गिरफ्तारी: नेटवर्क की अगली कड़ी सावित्री साहू (32) निकली, जिसके घर से 20 लीटर शराब और 100 किलो लहान बरामद हुआ। मौके पर ही लहान को नष्ट कर दिया गया।
फरार आरोपी की तलाश: गोवर्धन निषाद के घर से भी 15 लीटर शराब मिली, हालांकि वह पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा।
जब्ती और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने इस पूरी छापेमारी में कुल 185 लीटर कच्ची शराब और करीब 940 किलो महुआ लहान जब्त किया है। बरामद माल की कुल कीमत हजारों में आंकी गई है।
कानूनी शिकंजा: पुलिस ने पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क), 41 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की चेतावनी
निरीक्षक कामिल हक ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है। अवैध शराब के निर्माण और बिक्री में शामिल छोटे प्यादों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वाले और कच्चा माल सप्लाई करने वाले 'सफेदपोशों' को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से पूरे इलाके के अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
