महासमुंद। बुधवार शाम 6:30 बजे शहर के लोहिया चौक में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य नारी शक्ति को उनका अधिकार दिलाने के लिए पारित नारी वंदन अधिनियम के समर्थन में जनजागरूकता फैलाना तथा इस ऐतिहासिक कदम का विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं के खिलाफ जनआक्रोश प्रकट करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत लोहिया चौक में धरना-प्रदर्शन के साथ हुई। इस दौरान मंच से वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि नारी वंदन अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति कर रहे हैं और महिलाओं के अधिकारों को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
व्यापक जनसमर्थन
धरना-प्रदर्शन के पश्चात कार्यकर्ताओं ने मशाल रैली निकाली। यह रैली लोहिया चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए नेहरू चौक तक पहुंची। रैली के दौरान नारी शक्ति जिंदाबाद महिलाओं को अधिकार दो और विपक्ष की राजनीति बंद करो जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों की सहभागिता ने रैली को व्यापक जनसमर्थन प्रदान किया।
नेहरू चौक पहुंचकर रैली का समापन किया गया। यहां कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप राहुल गांधी एवं अन्य विपक्षी नेताओं का पुतला दहन किया और अपने आक्रोश का प्रदर्शन किया।
क्रांतिकारी कदम
इस दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। भाजयुमो नेताओं ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नारी वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस कानून से महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा और देश के विकास में उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत होगी।
आम जनता से अपील
नेताओं ने आम जनता से अपील की कि वे इस कानून के समर्थन में आगे आएं और महिलाओं को उनका हक दिलाने की इस मुहिम को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। इस पूरे आयोजन में भाजपा और भाजयुमो के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कुल मिलाकर यह कार्यक्रम महासमुंद में एक बड़े जनआंदोलन के रूप में उभरकर सामने आया, जिसने नारी सशक्तिकरण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

