देश की राजधानी के शाहदरा जिला स्थित विवेक विहार इलाके में रविवार की सुबह खुशियों और सुकून की नींद के बीच काल बनकर आई। तड़के करीब 3:45 बजे एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में अचानक हुए एक जोरदार धमाके और उसके बाद भड़की भीषण आग ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
नींद में ही काल के गाल में समा गए लोग
हादसा उस वक्त हुआ जब पूरी दिल्ली गहरी नींद में थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत की एक मंजिल पर लगे एयर कंडीशनर (AC) में अचानक जबरदस्त विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आग की लपटों ने मिनटों में ही पूरी चार मंजिला इमारत को अपने आगोश में ले लिया। रविवार तड़के का समय होने के कारण अधिकांश लोग घरों में सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने या बाहर भागने का मौका तक नहीं मिल सका। धुएं के गुबार और आग की तपिश ने रेस्क्यू की कोशिशों को भी शुरुआती दौर में नाकाम कर दिया।
दमकल की 14 गाड़ियों ने घंटों किया संघर्ष
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें हरकत में आईं। आग की भयावहता को देखते हुए एक के बाद एक कुल 14 फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। संकरी गलियां और भीषण लपटों के बीच दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घंटों मशक्कत की, तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका। राहत और बचाव कार्य के दौरान इमारत से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों का बयान और जांच की कार्रवाई
शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेंद्र प्रसाद मीना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि, "विवेक विहार की इस रिहायशी इमारत से अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। आशंका जताई जा रही है कि कुछ और लोग लापता हो सकते हैं, जिसके लिए इमारत के कोने-कोने में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।"
हादसे की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण AC ब्लास्ट माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहा है:
क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के मानकों का पालन किया गया था?
क्या शॉर्ट सर्किट की वजह से एसी में विस्फोट हुआ?
बिल्डिंग के निर्माण और सुरक्षा एनओसी (NOC) की क्या स्थिति थी?
इलाके में पसरा सन्नाटा
इस हादसे ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। अपनों को खोने वाले परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मलबे को हटाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि कोई और व्यक्ति अंदर फंसा न रह गया हो। दिल्ली सरकार ने भी इस मामले में त्वरित जांच के आदेश दिए हैं।
