लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक पारित नहीं होने के बाद देशभर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी इस मुद्दे को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है, जहां कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।
रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि उसका विरोध परिसीमन प्रक्रिया को लेकर है। रंजन ने कहा कि बिना जनगणना कराए परिसीमन कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ न्याय नहीं होगा और इससे प्रतिनिधित्व की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला आरक्षण को वर्ष 2023 में ही 543 लोकसभा सीटों पर तत्काल लागू किया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार इस मुद्दे को टालती नजर आ रही है। उनके मुताबिक, यह विषय गंभीर है, लेकिन सरकार की प्राथमिकताओं में यह स्पष्ट रूप से नहीं दिखता।
इधर, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। पार्टी ने रायपुर में जनाक्रोश रैली निकालकर कांग्रेस पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। इस रैली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी शामिल हुए और उन्होंने कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
भाजपा की इस रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए रंजीत रंजन ने इसे “सिर्फ दिखावा” करार दिया और कहा कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति नहीं, बल्कि ठोस निर्णय और स्पष्ट नीति की आवश्यकता है।
फिलहाल, महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दोनों दलों के रुख ने इस मुद्दे को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है, जिससे आने वाले समय में यह बहस और तीखी होने के संकेत मिल रहे हैं।

