Wednesday, 15 Jul 2026 भारत
ब्रेकिंग
अवैध खनन पर वार : सीएम हेल्पलाइन की शिकायत से रेत-गिट्टी परिवहन पर शिकंजा, खनिज विभाग ने पकड़े 6 ट्रैक्टर पर्यटकों की लापरवाही : तीरथगढ़ जलप्रपात में बढ़ा पानी, नियम तोड़ने वाले पर्यटकों को रोकने पर हुआ विवाद दिल्ली लक्ष्मी योजना: महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये, रक्षाबंधन पर होगी शुरुआत ममूरा अग्निकांड : ई-बाइक की चिंगारी से मची तबाही, नोएडा में दो लोगों की मौत रफ्तार का कहर : टैंकर की टक्कर से मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत अंधविश्वास : गड़े धन के लालच में कारोबारी की हत्या नदी किनारे दफन मिला शव, नरबलि हत्याकांड अवैध खनन पर वार : सीएम हेल्पलाइन की शिकायत से रेत-गिट्टी परिवहन पर शिकंजा, खनिज विभाग ने पकड़े 6 ट्रैक्टर पर्यटकों की लापरवाही : तीरथगढ़ जलप्रपात में बढ़ा पानी, नियम तोड़ने वाले पर्यटकों को रोकने पर हुआ विवाद दिल्ली लक्ष्मी योजना: महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये, रक्षाबंधन पर होगी शुरुआत ममूरा अग्निकांड : ई-बाइक की चिंगारी से मची तबाही, नोएडा में दो लोगों की मौत रफ्तार का कहर : टैंकर की टक्कर से मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत अंधविश्वास : गड़े धन के लालच में कारोबारी की हत्या नदी किनारे दफन मिला शव, नरबलि हत्याकांड
W 𝕏 f
होम राजनीति महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा म…
लोकसभा
लोकसभा
राजनीति Featured

महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में 54 वोट से गिरा, मोदी सरकार को पहली बड़ी संसदीय हार

महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका और 54 वोट से गिर गया। 528 सांसदों में से 298 ने समर्थन और 230 ने विरोध में वोट दिया, जबकि पास होने के लिए 352 वोट जरूरी थे।

कीर्तिमान ब्यूरो
कीर्तिमान ब्यूरो
17 Apr 2026, 10:11 PM
दिल्ली

केंद्र की मोदी सरकार को लोकसभा में बड़ा झटका लगा है। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां) संशोधन बिल को सदन में आवश्यक बहुमत नहीं मिल पाया और यह 54 वोट से गिर गया। 21 घंटे लंबी चर्चा के बाद हुई वोटिंग में कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।

संविधान संशोधन बिल पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। मौजूद 528 सांसदों के हिसाब से यह आंकड़ा 352 होना चाहिए था, लेकिन सरकार इससे काफी पीछे रह गई। इस तरह बिल 54 वोट से पास होने से चूक गया।

सीटें बढ़ाने का था प्रस्ताव

इस बिल के जरिए लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान किया गया था। हालांकि सदन में पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने के कारण यह प्रस्ताव अधर में लटक गया।

दो अहम बिलों पर वोटिंग नहीं

सरकार ने दो अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों—परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026—को वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किया। सरकार का तर्क था कि ये सभी बिल आपस में जुड़े हुए हैं, इसलिए अलग-अलग वोटिंग की जरूरत नहीं है।

12 साल में पहली बार विधेयक पास कराने में विफल

पिछले 12 वर्षों के शासनकाल में यह पहला मौका है जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार लोकसभा में कोई विधेयक पारित कराने में असफल रही है। इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने लगभग एक घंटे के भाषण में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि यदि बिल पास नहीं होता है तो इसकी जिम्मेदारी विपक्ष पर होगी।

पीएम मोदी की तीन अपीलें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल को लेकर लगातार अपील की थी—

  • 13 अप्रैल को कार्यक्रम में सांसदों को पत्र लिखने की अपील
  • 16 अप्रैल को लोकसभा में विपक्ष को ‘क्रेडिट का ब्लैंक चेक’ देने की बात
  • 17 अप्रैल को सोशल मीडिया के जरिए सांसदों से अंतरात्मा की आवाज सुनने का आग्रह

शाह का बयान—‘महिलाएं माफ नहीं करेंगी’

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते में कौन बाधा बन रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव के समय मातृशक्ति इसका जवाब जरूर देगी।

विपक्ष ने बताया ‘लोकतंत्र की जीत’

वहीं विपक्षी नेताओं ने बिल गिरने को अपनी जीत बताया।

  • राहुल गांधी ने कहा कि यह संविधान पर हमले को रोकने की जीत है।
  • प्रियंका गांधी ने इसे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए बड़ी सफलता बताया।
  • शशि थरूर ने कहा कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना गलत है।
  • एम के स्टालिन ने केंद्र सरकार पर अहंकार का आरोप लगाया।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें