कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को बीजेपी नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद कर्नाटक विधानसभा ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी है। 2 मई को जारी अधिसूचना में बताया गया कि कुलकर्णी 15 अप्रैल 2026 से अयोग्य माने जाएंगे। वे फिलहाल उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
5 पॉइंट में समझिए पूरा मामला
1. 2016 में हुई थी हत्या
15 जून 2016 को धारवाड़ में योगेश गौड़ा की उनके जिम में घुसकर धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। वे उस समय जिला पंचायत सदस्य थे।
2. CBI ने की जांच
मामले की जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई। जांच में कुलकर्णी समेत 17 लोगों को आरोपी बनाया गया।
3. कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
विशेष अदालत के जज संतोष गजानन भट ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा और 30 हजार रुपए जुर्माना लगाया।
4. कानून के तहत गई सदस्यता
संविधान के अनुच्छेद 191 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 के तहत दोषसिद्धि के बाद उनकी विधायकी स्वतः समाप्त हो गई।
5. 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे
सजा पूरी करने के बाद भी कुलकर्णी 6 साल तक कोई चुनाव नहीं लड़ सकेंगे, जब तक कि ऊपरी अदालत से राहत नहीं मिलती।
अब आगे क्या?
- सीट खाली होने के बाद भारत निर्वाचन आयोग 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराएगा
- कुलकर्णी हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट में सजा के खिलाफ अपील कर सकते हैं
- अगर सजा पर स्टे मिला, तो अयोग्यता खत्म हो सकती है
कांग्रेस के लिए क्यों बड़ा झटका
कुलकर्णी कर्नाटक कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उनकी अयोग्यता से पार्टी को राजनीतिक नुकसान की आशंका है। वहीं विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार के लिए यह मामला सियासी तौर पर असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
पहले भी विवादों में रहे
- 2020 में गिरफ्तारी
- 2021 में जमानत मिली
- गवाहों को प्रभावित करने के आरोप
- बाद में जमानत रद्द
