नकली दवाओं के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की जांच में सामने आए संगठित नेटवर्क के तीन आरोपियों को सोमवार को रायपुर से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई कुछ माह पहले गोगांव स्थित नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट से नकली दवाओं की जप्ती के बाद की गई विस्तृत जांच का हिस्सा है।
जांच के दौरान इस अवैध सप्लाई चेन में शामिल रोचक अग्रवाल (बिजरासन मेडिकोज, इंदौर), सुरेंद्र कामनानी (प्रेम प्रकाश एजेंसी, भाटापारा) और खेमराज बानी (सरस्वती मेडिकल स्टोर, सारंगढ़) की भूमिका सामने आई। तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिससे नेटवर्क के अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
दिसंबर में हुई थी बड़ी जब्ती
इस प्रकरण की कड़ी में विभाग ने दिसंबर माह में सारंगढ़ स्थित सरस्वती मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर विस्तृत जांच की थी। निरीक्षण के दौरान वहां से संदिग्ध और नकली दवाओं के भंडारण व वितरण से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले थे, जिन्हें जब्त कर जांच में शामिल किया गया।
कई राज्यों तक फैला है नेटवर्क
अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य राज्यों से भी जुड़ा हुआ है। इसी कारण विभाग की टीम ने अंतरराज्यीय स्तर पर जांच और विवेचना की। अब तक मिले इनपुट के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में और भी लोगों व संस्थानों की संलिप्तता सामने आ सकती है। ऐसे में संभावित आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, नियमानुसार अभियोजन की प्रक्रिया जारी है।
आमजन से अपील
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से ही दवाएं खरीदें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें, ताकि नकली दवाओं के इस खतरनाक नेटवर्क पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
