छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक पारिवारिक कलह ने उस वक्त राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी, जब एक भाजपा कार्यकर्ता ने पुलिस के साथ मिलकर एक स्थानीय रिसॉर्ट में छापा मारा। दावा किया जा रहा है कि कार्यकर्ता ने अपनी शिक्षिका पत्नी को अपनी ही पार्टी के एक अल्पसंख्यक पदाधिकारी के साथ 'रंगे हाथों' पकड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने मामले को और भी गरमा दिया है।
पति का संगीन आरोप: "बच्चों के साथ करती थी क्रूरता"
पीड़ित पति ने अपनी आपबीती सुनाते हुए पत्नी पर चरित्रहीनता के साथ-साथ घरेलू हिंसा के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पति के अनुसार, पिछले दो सालों से उसकी पत्नी के व्यवहार में जमीन-आसमान का अंतर आ गया था।
उसने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी न केवल उसके साथ दुर्व्यवहार करती थी, बल्कि मासूम बच्चों को भी अपनी सनक का निशाना बनाती थी। पति का दावा है कि:
पत्नी अक्सर बच्चों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करती थी।
विरोध करने पर वह पूरे परिवार को डराती-धमकाती थी।
क्रूरता की हदें पार करते हुए उसने बच्चों की आँखों में मिर्च डालने और उन्हें गर्म प्रेस से जलाने तक का प्रयास किया।
पति ने आरोप लगाया कि पत्नी स्कूल जाने के नाम पर घर से निकलती थी, लेकिन असल में वह अन्य लोगों के साथ समय बिताती थी।
जासूसी और रिसॉर्ट का 'पर्दाफाश'
संदेह गहराने पर पति ने अपने स्तर पर तफ्तीश शुरू की। उसे पत्नी के मोबाइल से कुछ आपत्तिजनक संदेश और कॉल रिकॉर्ड्स मिले। पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद, 25 अप्रैल को पति अपने रिश्तेदारों और पुलिस बल के साथ एक निजी रिसॉर्ट पहुँचा।
पति के अनुसार, वहाँ उसकी पत्नी एक अन्य व्यक्ति के साथ कमरे में बंद थी। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद पहले वह व्यक्ति (जो भाजपा का पदाधिकारी बताया जा रहा है) बाहर निकला और उसके पीछे पत्नी निकली। इस पूरे दृश्य को पति ने कैमरे में कैद कर लिया, जो अब साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपा गया है।
शिक्षिका पत्नी का पलटवार: "नशेड़ी पति कर रहा है बदनाम"
दूसरी तरफ, आरोपी पत्नी ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए अपने पति पर ही प्रताड़ना के आरोप जड़े हैं। महिला का कहना है कि उसका पति नशे का आदी है और घर में कोई आर्थिक सहयोग नहीं करता।
महिला ने अपना पक्ष रखते हुए कहा:
वित्तीय बोझ: नौकरी लगने के बाद से ही वह पूरे घर और ससुराल का खर्च उठा रही है, जबकि पति ने कभी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी।
मानसिक उत्पीड़न: पति के व्यवहार से तंग आकर वह पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी है।
बदनामी की साजिश: रिसॉर्ट वाली घटना पर उसने सफाई दी कि वह अपनी मर्जी से वहाँ गई थी और किसी के साथ कमरे में होने का मतलब यह नहीं कि वह गलत है। उसे जानबूझकर समाज में नीचा दिखाने के लिए वीडियो वायरल किया गया है।
पुलिसिया जांच पर टिकी निगाहें
यह मामला अब पूरी तरह से पुलिस की चौखट पर है। पति ने जिला पुलिस अधीक्षक से मिलकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की लिखित मांग की है। वहीं, महिला ने भी सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
चूंकि मामला हाई-प्रोफाइल राजनीतिक कार्यकर्ताओं और एक सरकारी शिक्षिका से जुड़ा है, इसलिए बालोद पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। क्या यह वास्तव में एक प्रेम प्रसंग का मामला है या फिर आपसी कलह को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है? इसका खुलासा पुलिसिया तफ्तीश के बाद ही हो पाएगा।
