शहर के प्रतिष्ठित कल्याण ज्वेलर्स शोरूम के नाम का सहारा लेकर निवेशकों को ठगने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शोरूम के ही एक कर्मचारी ने 'धनलक्ष्मी गोल्ड स्कीम' का लालच देकर ग्राहकों से लाखों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका एक साथी अब भी कानून की गिरफ्त से बाहर है।
विश्वास की आड़ में रची गई साजिश
यह पूरा मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। ठगी का शिकार हुए सूरजपुर जिले के कल्याणपुर निवासी अविनाश कुमार ने पुलिस को बताया कि वह कल्याण ज्वेलर्स के नियमित ग्राहक थे। इसी दौरान शोरूम के कर्मचारी राजेश कुमार तिवारी ने उन्हें 'धनलक्ष्मी गोल्ड स्कीम' के बारे में जानकारी दी। आरोपी ने अविनाश को भरोसा दिलाया कि इस स्कीम में निवेश करने पर जमा राशि के बदले उस दिन के सोने के भाव के अनुसार सोना उनके नाम पर सुरक्षित हो जाएगा, जिसे भविष्य में कभी भी सोने या नकद के रूप में प्राप्त किया जा सकेगा।
शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने छोटी राशि का खेल खेला। अविनाश ने हर महीने 5,000 रुपये जमा करने शुरू किए। अक्टूबर 2025 में जब उन्होंने क्यूआर कोड के जरिए 30,000 रुपये भेजे, तो कुछ दिन बाद उन्हें 40,000 रुपये वापस मिले। इस 'मुनाफे' ने अविनाश का भरोसा पक्का कर दिया और यहीं से बड़ी ठगी की नींव रखी गई।
7.59 लाख का निवेश और गायब हुआ आरोपी
पुलिस के अनुसार, नवंबर और दिसंबर 2025 के बीच आरोपियों ने अविनाश को मोटी रकम निवेश करने के लिए उकसाया। शातिर कर्मचारियों ने शोरूम के आधिकारिक खातों के बजाय अपने निजी बैंक खातों से जुड़े क्यूआर कोड भेजकर पैसे मंगवाए। झांसे में आकर पीड़ित ने कुल 7,59,000 रुपये जमा कर दिए।
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब अविनाश ने शोरूम जाकर अपने खाते की स्थिति जाननी चाही। वहां उन्हें बताया गया कि उनके खाते में केवल 1,87,000 रुपये ही दर्ज हैं। जब उन्होंने बाकी के 5.72 लाख रुपये के बारे में पूछताछ की, तो शोरूम प्रबंधन के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। इसी बीच मुख्य आरोपी राजेश कुमार तिवारी ड्यूटी से गायब हो गया, जिससे अविनाश का शक यकीन में बदल गया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत पर गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 318(4) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज किया। साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की लोकेशन रायपुर में मिली। पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर राजेश कुमार तिवारी को हिरासत में ले लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि इस षड्यंत्र में एक अन्य व्यक्ति भी उसका सहयोगी था। पुलिस अब उस फरार आरोपी की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है।
सावधानी ही बचाव है
इस घटना ने ब्रांडेड शोरूम्स की सुरक्षा और उनके कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि:
किसी भी गोल्ड स्कीम या निवेश के लिए हमेशा आधिकारिक काउंटर पर ही भुगतान करें।
निजी क्यूआर कोड या व्यक्तिगत बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने से बचें।
भुगतान के बाद हमेशा शोरूम की आधिकारिक रसीद प्राप्त करें और समय-समय पर अपने निवेश की जांच करते रहें।
फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने शहर के अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है। आरोपी राजेश से पूछताछ जारी है और जल्द ही दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
