छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीर्थ शिवरीनारायण में 27 अप्रैल से 5 मई तक भव्य 9 दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन होने जा रहा है। तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस कथा का वाचन प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक हरिवंश कृपा ‘राम मिलेंगे’ आश्रम, तेंदुआ धाम (कुरियारी) में होगा। आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हैं और प्रदेशभर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
राम के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास
कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग और भक्ति के संदेशों से जोड़ा जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, यह सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है।
देश के बड़े संतों और दिग्गजों की मौजूदगी संभव
इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और विधायक अनुज शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। साथ ही संत वासुदेवानंद सरस्वती 27-28 अप्रैल को आ सकते हैं। किन्नर अखाड़ा की कौशल्या नंद गिरी 2-3 दिन कार्यक्रम में रहेंगी। जम्मू-कश्मीर राजभवन से जुड़े रमाकांत पांडेय भी सात दिन तक मौजूद रहेंगे। वहीं, मंगल पांडेय के परिवार से पद्मश्री उमाशंकर पांडेय के आने की भी सूचना है।
151 फीट ऊंचा राम मंदिर: प्रदेश का नया आस्था केंद्र
जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने बताया कि वे उसी मंदिर में कथा करने आ रहे हैं, जिसकी स्थापना और संवर्धन उन्होंने किया है। यहां 151 फीट ऊंचे भव्य राम मंदिर का निर्माण जारी है, जो प्रदेश का सबसे ऊंचा राम मंदिर होगा। फिलहाल निर्माण कार्य 50% से अधिक पूरा हो चुका है। मंदिर ‘कलिंग शैली’ में बन रहा है और इसकी भव्यता इसे विशेष पहचान देगी।
हर दिन समाज के एक वर्ग को समर्पित
इस आयोजन की खास बात यह है कि इसे सामाजिक समरसता से जोड़ा गया है। कथा के दौरान अलग-अलग दिनों में दिव्यांगजन, रक्तदाता, कुष्ठ रोगी, प्रतिभाशाली छात्र को विशेष अतिथि बनाकर सम्मानित किया जाएगा।
आस्था के साथ सेवा का केंद्र बना आश्रम
राम मिलेंगे आश्रम अब केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि समाज सेवा का मजबूत केंद्र बन चुका है। यहां निर्धन कन्याओं के विवाह, किसानों के लिए योजनाएं, शबरी रसोई, अन्न बैंक, बर्तन बैंक, हरिवंश गुरुकुलम (अंग्रेजी माध्यम), वैदिक विद्यालय और औषधालय, जैसी कई पहल संचालित हो रही हैं। आश्रम परिसर में श्रीराम-जानकी मण्डपम, पंचमुखी हनुमान मंदिर, मां दुर्गा गौ मंदिर और गीता वाटिका जैसे धार्मिक स्थल भी विकसित किए गए हैं।
वैदिक शिक्षा का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी
आयोजकों की योजना है कि भविष्य में इस आश्रम को एक विशाल वैदिक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहां भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों का संरक्षण किया जा सके।
आयोजकों की अपील
राघव सेवा समिति के प्रमुख डॉ. अशोक हरिवंश ने बताया कि यह आयोजन उनके पिता देहदानी हरिवंश चतुर्वेदी की स्मृति में किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण करने और इस दिव्य आयोजन का लाभ लेने की अपील की है।

