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सीता नवमी : दांपत्य सुख, संतान प्राप्ति और पारिवारिक समृद्धि के लिए क्या करें, पढ़िए यहां

वैशाख कृष्ण नवमी को मनाई जाने वाली सीता नवमी माता सीता के प्राकट्य का पावन पर्व है। यह दिन विशेष रूप से दांपत्य सुख, संतान प्राप्ति और पारिवारिक समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मिथिला के राजा जनक जब खेत में हल चला रहे थे, तब धरती से एक दिव्य कलश प्रकट हुआ, जिसमें से एक कन्या का जन्म हुआ वही कन्या थीं माता सीता।

डॉ. नीरज गजेंद्र
डॉ. नीरज गजेंद्र
24 Apr 2026, 06:35 PM
📍 मिथिला

भारतीय सनातन परंपरा में हर पर्व के पीछे एक गहरी आस्था और जीवन दर्शन जुड़ा होता है। ऐसा ही एक पवित्र पर्व है सीता नवमी, जिसे माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन को जानकी जयंती भी कहा जाता है, जो नारी शक्ति, त्याग और मर्यादा की प्रतीक माता सीता के जीवन को स्मरण करने का अवसर देता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मिथिला के राजा जनक जब खेत में हल चला रहे थे, तब धरती से एक दिव्य कलश प्रकट हुआ, जिसमें से एक कन्या का जन्म हुआ, वही कन्या थीं माता सीता। धरती से उत्पन्न होने के कारण उन्हें भूमिजा कहा गया, वहीं जनक की पुत्री होने के कारण वे जनकनंदिनी के नाम से भी विख्यात हुईं। उनका जीवन त्याग, धैर्य और आदर्श नारीत्व का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है।

वर्ष 2026 में वैदिक पंचांग के अनुसार वैशाख कृष्ण नवमी तिथि 24 अप्रैल, शुक्रवार की शाम 7:22 बजे से प्रारंभ होकर 25 अप्रैल, शनिवार को शाम 6:29 बजे तक रहेगी। हिंदू परंपरा में सूर्योदय के समय विद्यमान तिथि को श्रेष्ठ माना जाता है, इसलिए इस वर्ष सीता नवमी 25 अप्रैल 2026, शनिवार को मनाई जाएगी।

इस दिन विवाहित महिलाएं विशेष रूप से व्रत रखती हैं और माता सीता तथा भगवान श्रीराम की विधिपूर्वक पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है, पति की आयु लंबी होती है और संतान सुख की प्राप्ति होती है। पूजा में घर को स्वच्छ कर भगवान राम और माता सीता की प्रतिमा स्थापित की जाती है, पुष्प, फल, धूप-दीप अर्पित कर रामायण के अंशों का पाठ किया जाता है।

सीता नवमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति में नारी के आदर्श स्वरूप संयम, समर्पण और शक्ति—का उत्सव है। यह पर्व हमें जीवन में धैर्य, कर्तव्य और संबंधों के महत्व को समझने की प्रेरणा देता है।
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