कर्नाटक की सियासत में चल रही अंदरूनी हलचल के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का दिल्ली दौरा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनका यह दौरा सिर्फ “ताजी हवा लेने” के लिए नहीं, बल्कि शीर्ष कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के लिए है।
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है, लेकिन वे इन बैठकों का विवरण सार्वजनिक नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं अपना काम करता रहूंगा, लेकिन मैं यह नहीं बताऊंगा कि मैं किन-किन नेताओं से मिला हूं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभिन्न राज्यों में हुए चुनाव प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी पार्टी नेतृत्व को देना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव प्रचार किया है और इन राज्यों की रिपोर्ट पार्टी को सौंपनी है।
कर्नाटक में संभावित राजनीतिक बदलावों को लेकर पूछे गए सवालों पर शिवकुमार ने चुप्पी साध ली। उन्होंने कहा, “जिम्मेदार पद पर रहते हुए मैं मीडिया के सामने इस तरह की बातों पर चर्चा नहीं कर सकता। कृपया मुझसे ऐसी जानकारी निकालने की कोशिश न करें।”
मुख्यमंत्री के करीबी मंत्रियों की बैठकों को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी बैठक की जानकारी नहीं है और वे इस तरह की चर्चाओं से खुद को दूर रखते हैं।
दिल्ली दौरे के दौरान शिवकुमार की मुलाकात केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी तय हुई है। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए उन्होंने समय मांगा था और उन्हें शुक्रवार सुबह 11:45 बजे का समय मिला है।
चुनावी परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए शिवकुमार ने दावा किया कि तमिलनाडु और केरल में गठबंधन सरकार बनने की संभावना है, जबकि असम में भी उनके गठबंधन को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे जल्द ही दोबारा असम का दौरा करेंगे।
मुस्लिम नेताओं के निलंबन और समुदाय में असंतोष के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी को निलंबित नहीं किया गया, बल्कि संबंधित नेताओं ने खुद अपने पदों से इस्तीफा दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी को इस मुद्दे पर कुछ जानकारी मिली है और सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, डीके शिवकुमार का यह बयान कर्नाटक की राजनीति में चल रहे अंदरूनी समीकरणों और संभावित बदलावों की ओर इशारा करता है, हालांकि उन्होंने किसी भी तरह की अटकलों पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया।

