Monday, 27 Jul 2026 भारत
W 𝕏 f
होम भारत बंगाल चुनाव :  रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल…
AI फोटो
AI फोटो
भारत Featured

बंगाल चुनाव :  रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल, किसके सिर सजेगा ताज?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर 92.88% रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो पिछले चुनाव से करीब 10% ज्यादा है। महिलाओं ने पुरुषों से अधिक भागीदारी दिखाई और कई जिलों में 90% से ज्यादा वोटिंग दर्ज हुई। इस भारी मतदान ने टीएमसी और बीजेपी के बीच मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। दोनों दल अपने-अपने समर्थन आधार पर जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन इतना ज्यादा मतदान किसके पक्ष में जाएगा, यह साफ नहीं है। अब सभी की नजर चुनाव परिणामों पर टिकी है, जो तय करेंगे कि सत्ता में वापसी होगी या बदलाव।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
24 Apr 2026, 03:26 PM
पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में जबरदस्त मतदान ने राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है। 152 सीटों पर हुए मतदान में 92.88 फीसदी वोट पड़े, जो अब तक का रिकॉर्ड है। यह आंकड़ा पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत अधिक है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। 

इतनी बड़ी संख्या में वोटिंग होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि इसका फायदा किसे मिलेगा—ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को या भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को।

इस बार के आंकड़े ने तोड़ रिकॉर्ड  

इस चरण में कुल 1478 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है। आजादी के बाद पहली बार राज्य में 90 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया है। बंगाल में वैसे भी मतदान प्रतिशत हमेशा ऊंचा रहता है, लेकिन इस बार के आंकड़े ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अगर आने वाले चरणों में भी इसी तरह की भागीदारी देखने को मिलती है, तो यह चुनाव राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक उत्सव बन सकता है।

महिलाओं में ज्यादा उत्साह 

मतदान के आंकड़ों पर नजर डालें तो महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा उत्साह दिखाया। महिला वोटिंग 92.69 फीसदी रही, जबकि पुरुषों की भागीदारी 90.92 फीसदी दर्ज की गई। राज्य के 16 जिलों में मतदान हुआ, जिनमें से 12 जिलों में 90 फीसदी से अधिक वोट पड़े। दक्षिण दिनाजपुर सबसे आगे रहा, जहां 94.4 फीसदी मतदान हुआ। इसके अलावा कूच बिहार, बीरभूम, जलपाईगुड़ी और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में भी भारी वोटिंग देखने को मिली।

भविष्यवाणी करना मुश्किल

राजनीतिक विश्लेषक इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि इतनी बड़ी वोटिंग का रुख किस ओर जाएगा। खास बात यह है कि मतदान किसी एक वर्ग या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। हिंदू बहुल इलाकों से लेकर मुस्लिम बहुल जिलों तक हर जगह मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यही कारण है कि अभी से किसी नतीजे की भविष्यवाणी करना मुश्किल माना जा रहा है।

पूरी ताकत झोंकी

बीजेपी को उम्मीद है कि हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण और राष्ट्रीय मुद्दे उसे बढ़त दिलाएंगे। वहीं टीएमसी को भरोसा है कि महिला, ग्रामीण और अल्पसंख्यक वोटर एक बार फिर उसके साथ खड़े रहेंगे। दोनों दलों ने अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झोंकी, जिसका असर मतदान प्रतिशत में साफ दिखाई देता है।

अगर पिछले चुनावों पर नजर डालें तो 2021 में इन सीटों पर टीएमसी ने बढ़त बनाई थी, जबकि बीजेपी ने भी मजबूत प्रदर्शन किया था। यह इलाका दोनों दलों के लिए बेहद अहम माना जाता है और इसे सत्ता की चाबी कहा जाता है।

प्रमुख दलों के बीच सीधी टक्कर

मतदान बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। वोटर लिस्ट में बदलाव की आशंका, नागरिकता से जुड़े मुद्दे और दोनों प्रमुख दलों के बीच सीधी टक्कर ने लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया।

अब सबकी निगाहें नतीजों पर टिकी हैं। इतिहास गवाह है कि बंगाल में बढ़ा हुआ मतदान कई बार सत्ता परिवर्तन का संकेत देता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह रिकॉर्ड वोटिंग ममता बनर्जी की सत्ता को मजबूत करेगी या बीजेपी के लिए नई राह खोलेगी।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें