📅 Sunday, 03 May 2026 भारत
ब्रेकिंग
सीएम साय : नन्हीं बच्ची को गोद में लेकर दिया स्नेह, डॉक्टर बनने के सपने पर दी शुभकामनाएं अफरा-तफरी : इलेक्ट्रिक स्कूटी में लगी आग, बाल-बाल बचे कई परिवार शिशुपाल पर्वत बना डेथ पॉइंट : प्रशासन मौन, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ वसूली सुशासन तिहार 2026 : CM साय का प्रदेशव्यापी दौरा शुरू, गांव-गांव पहुंचकर लेंगे योजनाओं का फीडबैक रेलवे का बड़ा फैसला : अब स्लीपर क्लास में भी मिलेगा AC जैसी सुविधाओं का आनंद, 15 मई से बदल जाएगा सफर का अनुभव RTO में इंटरनेट ठप : मोबाइल हॉटस्पॉट के सहारे चल रहा काम, लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन सब अटके सीएम साय : नन्हीं बच्ची को गोद में लेकर दिया स्नेह, डॉक्टर बनने के सपने पर दी शुभकामनाएं अफरा-तफरी : इलेक्ट्रिक स्कूटी में लगी आग, बाल-बाल बचे कई परिवार शिशुपाल पर्वत बना डेथ पॉइंट : प्रशासन मौन, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ वसूली सुशासन तिहार 2026 : CM साय का प्रदेशव्यापी दौरा शुरू, गांव-गांव पहुंचकर लेंगे योजनाओं का फीडबैक रेलवे का बड़ा फैसला : अब स्लीपर क्लास में भी मिलेगा AC जैसी सुविधाओं का आनंद, 15 मई से बदल जाएगा सफर का अनुभव RTO में इंटरनेट ठप : मोबाइल हॉटस्पॉट के सहारे चल रहा काम, लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन सब अटके
W 𝕏 f 🔗
होम छत्तीसगढ़ शिशुपाल पर्वत बना डेथ पॉइंट : प्रशासन मौन, सुरक्ष…
शिशुपाल पर्वत
शिशुपाल पर्वत
🔴 BREAKING छत्तीसगढ़

शिशुपाल पर्वत बना डेथ पॉइंट : प्रशासन मौन, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ वसूली

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र में स्थित शिशुपाल पर्वत का घोड़ाधार जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यह जगह सुरक्षा की कमी के कारण चिंता का विषय बन गई है। यहाँ पिछले कुछ वर्षों में फिसलन और सुरक्षा इंतजामों के अभाव में कई दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें कुछ लोगों की मौत भी बताई जाती है। हाल ही में एक घटना में एक प्रेमी जोड़े की मौत की बात सामने आई है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
03 May 2026, 01:54 PM
📍 महासमुंद

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले का सरायपाली विकासखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ स्थित शिशुपाल पर्वत अब पर्यटकों के लिए आकर्षण कम और डर का केंद्र अधिक बनता जा रहा है। लगभग 1000 फीट की ऊंचाई से गिरने वाले 'घोड़ाधार जलप्रपात' की खूबसूरती अब मौतों के साये में है।

सुरक्षा नदारद, मौत का आंकड़ा बढ़ा

विगत कुछ वर्षों में इस स्थान पर फिसलन और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण 9 से 10 लोगों की जान जा चुकी है। स्थिति इतनी गंभीर है कि यहाँ न केवल दुर्घटनाएं हो रही हैं, बल्कि आपराधिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। पूर्व में यहाँ हत्या कर शव फेंकने जैसी खौफनाक वारदात भी सामने आ चुकी है। ताज़ा मामले में, एक प्रेमी जोड़े ने पहाड़ की ऊंचाई से कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। फिलहाल पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर जांच कर रही है, लेकिन मृतकों की पहचान अभी तक उजागर नहीं हो पाई है।

वन विभाग की लापरवाही: वसूली जारी, सुरक्षा 'राम भरोसे'

स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वन विभाग यहाँ आने वाले प्रत्येक पर्यटक से 20 रुपये का शुल्क तो वसूलता है, लेकिन सुविधाओं और सुरक्षा के नाम पर यहाँ शून्य व्यवस्था है।

  • ग्रिल का अभाव: पहाड़ी के खतरनाक कोनों पर कोई सुरक्षा ग्रिल या रेलिंग नहीं लगाई गई है।

  • साइन बोर्ड की कमी: पर्यटकों को खतरे से आगाह करने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड नहीं है।

  • असामाजिक तत्वों का जमावड़ा: सुरक्षा गार्डों की तैनाती न होने के कारण यहाँ खुलेआम शराबखोरी और हुड़दंग होता है, जिससे आम पर्यटकों की सुरक्षा खतरे में रहती है।

निष्कर्ष

प्रशासन की यह अनदेखी किसी बड़ी त्रासदी को निमंत्रण दे रही है। शुल्क वसूली के बावजूद सुरक्षा को 'पर्यटकों के अपने भरोसे' छोड़ देना विभाग की गैर-जिम्मेदाराना छवि को दर्शाता है। यदि समय रहते पुख्ता इंतज़ाम नहीं किए गए, तो 'घोड़ाधार' की जलधारा ऐसे ही बेगुनाहों के खून से लाल होती रहेगी।

📱 हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
सरकारी सूचना राजनीति अतिथि
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश विदेश मनोरंजन/फैशन शिक्षा/करियर सेहत खेल कारोबार पर्यटन/यात्रा धर्म /ज्योतिष 🌙 डार्क/लाइट मोड ✍️ डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
🎬
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

⚠️
सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
🔔
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें