📅 Tuesday, 28 Apr 2026 भारत
ब्रेकिंग
धरमपुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, मायके पक्ष ने हत्या का लगाया आरोप, पुलिस जांच जारी दर्दनाक हादसा : चौथिया से लौट रहे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत, 3 घायल सौदागर बने प्राचार्य : साइंस कॉलेज मैदान मामले पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब कलेक्टर करेंगे फैसला पथरिया घोटाला : धान खरीदी केंद्र में 66 लाख की सेंधमारी, केंद्र प्रभारी गिरफ्तार, सिस्टम में हड़कंप कार्रवाई : प्राचीन भाथु तालाब के नाले पर चला प्रशासन का बुलडोजर, होटल संचालक का एक एकड़ का अवैध कब्जा जमींदोज पुलिस का प्रहार : आईपीएल सट्टेबाजी पर साइबर सेल और कोतवाली की संयुक्त रेड में 6 सट्टेबाज गिरफ्तार धरमपुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, मायके पक्ष ने हत्या का लगाया आरोप, पुलिस जांच जारी दर्दनाक हादसा : चौथिया से लौट रहे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत, 3 घायल सौदागर बने प्राचार्य : साइंस कॉलेज मैदान मामले पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब कलेक्टर करेंगे फैसला पथरिया घोटाला : धान खरीदी केंद्र में 66 लाख की सेंधमारी, केंद्र प्रभारी गिरफ्तार, सिस्टम में हड़कंप कार्रवाई : प्राचीन भाथु तालाब के नाले पर चला प्रशासन का बुलडोजर, होटल संचालक का एक एकड़ का अवैध कब्जा जमींदोज पुलिस का प्रहार : आईपीएल सट्टेबाजी पर साइबर सेल और कोतवाली की संयुक्त रेड में 6 सट्टेबाज गिरफ्तार
W 𝕏 f 🔗
होम छत्तीसगढ़ सौदागर बने प्राचार्य : साइंस कॉलेज मैदान मामले पर…
AI फोटो
AI फोटो
🔴 BREAKING छत्तीसगढ़ ⭐ Featured

सौदागर बने प्राचार्य : साइंस कॉलेज मैदान मामले पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब कलेक्टर करेंगे फैसला

बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान के व्यावसायिक उपयोग को लेकर विवाद बढ़ गया है और मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक पहुँच गया है। मुख्य आरोप यह है कि खेल मैदान का उपयोग मीना बाजार, उद्योग मेला और फन पार्क जैसी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, जिससे छात्रों और खिलाड़ियों की खेल गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं। कॉलेज प्रबंधन और प्राचार्य पर नियमों के उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
28 Apr 2026, 05:07 PM
📍 बिलासपुर

न्यायधानी के साइंस कॉलेज मैदान को खेल का मैदान न समझकर उसे कमाई का जरिया बनाने का विवाद अब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की चौखट तक जा पहुँचा है। कॉलेज प्रबंधन द्वारा मैदान के निरंतर कमर्शियल उपयोग और इसमें हो रही कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने बिलासपुर कलेक्टर को निर्देशित किया है कि इस पूरे विवाद का निपटारा आगामी तीन दिनों के भीतर किया जाए।

खेल भावना पर भारी पड़ता 'कमीशन' का खेल

साइंस कॉलेज मैदान, जो मूल रूप से छात्रों और खिलाड़ियों की गतिविधियों के लिए आरक्षित होना चाहिए, पिछले काफी समय से मीना बाजार, उद्योग मेला, व्यापार मेला और फन पार्क जैसी व्यावसायिक गतिविधियों का अड्डा बन चुका है। आरोप है कि कॉलेज के प्राचार्य प्रवीण पांडे नियमों को ताक पर रखकर इस मैदान को निजी आयोजकों को किराए पर दे रहे हैं।

नियमों के मुताबिक, मैदान का प्रतिदिन का किराया ₹20,000 और साइकिल स्टैंड का ₹10,000 मिलाकर कुल ₹30,000 प्रतिदिन निर्धारित है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि कई मामलों में आयोजकों से निर्धारित दर से कम राशि ली जा रही है। पिछले वर्षों के कर्ज और बकाया होने के बावजूद, कॉलेज प्रबंधन घाटा सहकर भी उन्हीं आयोजकों को मैदान उपलब्ध करा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार की बू आ रही है।

हाईकोर्ट तक कैसे पहुँचा मामला?

विवाद तब और गहरा गया जब 'फन पार्क' के लिए सलीम मोहम्मद नामक आयोजक ने मैदान की मांग की। खेल अधिकारियों द्वारा अनुमति न दिए जाने पर यह मामला हाईकोर्ट पहुँचा। याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने गेंद जिला प्रशासन के पाले में डाल दी है। अब कलेक्टर को 72 घंटों के भीतर यह तय करना होगा कि मैदान का भविष्य क्या होगा।

प्राचार्य पर गंभीर आरोप और प्रशासनिक चुप्पी

कॉलेज के प्राचार्य प्रवीण पांडे वर्तमान में चौतरफा घेरे में हैं। उन पर न केवल मैदान के गलत आवंटन, बल्कि 'कमिशनखोरी' के भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि:

  • जनभागीदारी समिति ने उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर प्राचार्य को तत्काल हटाने की मांग की है।

  • कॉलेज के अधीनस्थ कर्मचारी और छात्र भी प्राचार्य की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं।

  • शिकायतों के अंबार के बावजूद, उच्चाधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर किसके संरक्षण में प्राचार्य पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई?

क्या कहता है कानून?

सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के खेल मैदान का प्राथमिक उपयोग केवल बच्चों और खेल गतिविधियों के लिए होना चाहिए। व्यावसायिक उपयोग केवल विशेष परिस्थितियों में और बिना खेल को प्रभावित किए होना चाहिए। बिलासपुर में इसके उलट, मैदान के कमर्शियल इस्तेमाल से खिलाड़ियों का भविष्य अधर में लटका है।

📱 हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
सरकारी सूचना राजनीति अतिथि
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश विदेश मनोरंजन/फैशन खेल धर्म /ज्योतिष करियर/शिक्षा कारोबार पर्यटन/यात्रा 🌙 डार्क/लाइट मोड ✍️ डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
🎬
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

⚠️
सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
🔔
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें