बसना थाना क्षेत्र के भंवरपुर चौकी अंतर्गत ग्राम पुरुषोत्तमपुर में जमीन विवाद से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे गांव का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है। यह विवाद निजी स्वामित्व और जनहित में दान की गई जमीन को लेकर खड़ा हुआ है, जिस पर अब अवैध कब्जे और बलपूर्वक उपयोग के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
आरोप 70 वर्षीय तारक पटेल, जो सरायपाली क्षेत्र के बिरकोल गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, पुरुषोत्तमपुर पहुंचे और वहां स्थित प्राइमरी स्कूल, मिडिल स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से सटी जमीन के हिस्से को जेसीबी मशीन के माध्यम से खुदवाकर अपने खेत में मिलाने का प्रयास करने लगे।
लोग एकजुट होकर विरोध में उतरे
शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे सामान्य समतलीकरण समझकर ज्यादा विरोध नहीं किया, लेकिन जब खुदाई का दायरा बढ़ा और सार्वजनिक उपयोग की जमीन को नुकसान पहुंचने लगा, तो गांव के लोग एकजुट होकर विरोध में उतर आए। ग्रामीणों का कहना है कि यह वही जमीन है, जिसे स्वर्गीय चक्रधर पटेल ने वर्षों पहले गांव के विकास और जनहित के लिए दान में दी थी।
दान की जमीन का सार्वजनिक उपयोग
ग्रामीणों के अनुसार, चक्रधर पटेल का परिवार पहले पुरुषोत्तमपुर में निवास करता था और उनके पास यहां पर्याप्त कृषि भूमि थी। गांव में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए उन्होंने उदारतापूर्वक जमीन दान की थी, जिस पर आज स्कूल, आंगनबाड़ी भवन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का निर्माण हुआ है। बाद में उनका परिवार यहां की संपत्ति बेचकर बिरकोल चला गया, लेकिन दान की गई जमीन का उपयोग आज भी सार्वजनिक कार्यों के लिए हो रहा है।
ग्रामीणों में आक्रोश
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब आरोप है कि तारक पटेल मौके पर कंधे पर बंदूक लेकर पहुंचे और ग्रामीणों को डराने-धमकाने का प्रयास किया। इस दौरान जेसीबी से खुदाई जारी रही, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और विवाद की स्थिति बन गई।
हालांकि, तत्काल विवाद को शांत करने के लिए मौके पर ही आपसी समझौता किया गया और एक राजीनामा पत्र पर दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर भी किए। इसके बाद कुछ समय के लिए मामला शांत हो गया और ग्रामीण अपने-अपने घर लौट गए।
पुलिस में आपत्ति दर्ज
कुछ दिनों बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। तारक पटेल ने भंवरपुर चौकी पहुंचकर गांव के 5 से 7 ग्रामीणों के खिलाफ गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करा दी। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में एक बार फिर आक्रोश फैल गया और वे बड़ी संख्या में पुलिस चौकी पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराने लगे।
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि विवादित जमीन पूरी तरह से जनहित में दान की गई है और उस पर किसी भी प्रकार का निजी दावा या कब्जा गैरकानूनी है। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वर्गीय चक्रधर पटेल के परिजनों से संपर्क कर दान से संबंधित दस्तावेज जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
इसी बीच, 5 अप्रैल की घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें कथित रूप से जेसीबी से खुदाई और मौके पर हुए विवाद के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
बारीकी से जांच
फिलहाल, भंवरपुर चौकी पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीन के स्वामित्व, दान के दस्तावेज, और दोनों पक्षों के आरोपों की बारीकी से जांच की जाएगी, जिसके बाद ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने ग्राम पुरुषोत्तमपुर में असमंजस और तनाव की स्थिति पैदा कर दी है, जहां एक ओर ग्रामीण जनहित की जमीन को बचाने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कानूनी प्रक्रिया के जरिए सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
