दुनिया जिस वक्त होर्मुज में बढ़ते तनाव और तेल सप्लाई संकट को लेकर चिंतित है, उसी बीच भारत के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने रणनीतिक चाल चलते हुए ऐसे वैकल्पिक रास्ते सक्रिय कर दिए हैं, जिनसे भारत को कच्चे तेल की सप्लाई बिना रुकावट जारी है। शिप-ट्रैकिंग फर्म Kpler के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट Nikhil Dubey के अनुसार, खाड़ी में बाधाओं के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा कई स्रोतों के सहारे संतुलित बनी हुई है। उनका कहना है—
सऊदी-UAE से बढ़ी सप्लाई, रूस
से निरंतर खरीद और ईरान-वेनेजुएला की वापसी ने संभावित संकट को काफी हद तक संतुलित
कर दिया है।”
होर्मुज संकट: क्या है स्थिति
Strait
of Hormuz दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है, जहां किसी भी तरह
का व्यवधान सीधे वैश्विक बाजार को प्रभावित करता है।
इस समय इराक, कुवैत और कतर जैसे देशों से
सप्लाई प्रभावित है, लेकिन खाड़ी देशों ने इसका तोड़ निकाल
लिया है।
सीक्रेट रूट से कैसे बचा संकट, सऊदी अरब का मास्टर प्लान
- 7 मिलियन बैरल/दिन क्षमता वाली East-West पाइपलाइन
- तेल को रास तनुरा से रेड सी के यनबु टर्मिनल तक
डायवर्ट
UAE की रणनीति
- 1.7 मिलियन bpd क्षमता वाली ADCOP
पाइपलाइन
- फुजैरा पोर्ट (ओमान की खाड़ी) से शिपमेंट, होर्मुज पर
निर्भरता खत्म
ओमान का फायदा
- सीधे अरब सागर से जुड़ा तट
- सप्लाई 18,000 bpd से बढ़कर 1 लाख bpd पार
इराक से सप्लाई बंद होने के बावजूद भारत में तेल की उपलब्धता बनी
हुई है और कीमतों में संभावित उछाल पर भी ब्रेक लगा है।
ईरान-वेनेजुएला की वापसी: गेमचेंजर फैक्टर
अमेरिकी प्रतिबंधों में
नरमी ने भारत को बड़ा विकल्प दिया है—
- ईरान: 7 साल बाद
वापसी, अप्रैल में 1.51 लाख bpd
सप्लाई
- वेनेजुएला: 9 महीने
बाद 2.58 लाख bpd तेल भारत पहुंचा
- Nicolás
Maduro
से जुड़े घटनाक्रम के बाद अमेरिका ने प्रतिबंधों में ढील दी
रूस और अमेरिका: बदलता समीकरण
- रूस: मार्च में 20
लाख bpd → अप्रैल में 16 लाख
bpd
- अमेरिका: 3.14 लाख bpd
से गिरकर 1.15 लाख bpd
यानी भारत ने एक ही देश
पर निर्भर रहने के बजाय “मल्टी-सोर्स स्ट्रैटेजी” अपनाई है।
कीर्तिमान विश्लेषण
यह पूरी स्थिति एक बात
साफ करती है—
भारत अब सिर्फ तेल खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि
स्ट्रैटेजिक
एनर्जी मैनेजर बन चुका है।
- संकट आया, लेकिन घबराहट नहीं
- विकल्प तैयार थे, इसलिए असर सीमित रहा
- ग्लोबल पॉलिटिक्स के बीच भारत ने संतुलन बनाए रखा

