📅 Wednesday, 29 Apr 2026 भारत
ब्रेकिंग
टला रेल हादसा : धधकती आग के बीच लोको पायलट ने रिवर्स गियर में दौड़ाई ट्रेन, बचाई सैकड़ों जानें रैकेट का पर्दाफाश : पुलिस ने पति-पत्नी गैंग के ठिकाने पर मारा छापा, 5 गिरफ्तार नशे के सौदागरों पर पुलिस का प्रहार, नाबालिग बेटे संग गांजा बेचती महिला गिरफ्तार सावधान : AC से धूप में कदम रख रहे हैं तो जानिए शरीर के अंदर क्या-क्या होगा और उससे  कैसे बचें रोशनी का पहला सवेरा : 78 साल बाद अबूझमाड़ के इतापानार में जला पहला बल्ब, जागती आंखों ने देखा इतिहास सुप्रीम कोर्ट : धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर सार्वजनिक सड़कों को अब नहीं कर सकेंगे अवरूद्ध टला रेल हादसा : धधकती आग के बीच लोको पायलट ने रिवर्स गियर में दौड़ाई ट्रेन, बचाई सैकड़ों जानें रैकेट का पर्दाफाश : पुलिस ने पति-पत्नी गैंग के ठिकाने पर मारा छापा, 5 गिरफ्तार नशे के सौदागरों पर पुलिस का प्रहार, नाबालिग बेटे संग गांजा बेचती महिला गिरफ्तार सावधान : AC से धूप में कदम रख रहे हैं तो जानिए शरीर के अंदर क्या-क्या होगा और उससे  कैसे बचें रोशनी का पहला सवेरा : 78 साल बाद अबूझमाड़ के इतापानार में जला पहला बल्ब, जागती आंखों ने देखा इतिहास सुप्रीम कोर्ट : धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर सार्वजनिक सड़कों को अब नहीं कर सकेंगे अवरूद्ध
W 𝕏 f 🔗
होम देश सुप्रीम कोर्ट : धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर सार्…
AI फोटो
AI फोटो
🔴 BREAKING देश ⭐ Featured

सुप्रीम कोर्ट : धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर सार्वजनिक सड़कों को अब नहीं कर सकेंगे अवरूद्ध

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध नहीं किया जा सकता। पूजा-पाठ की स्वायत्तता कायम है, पर धर्मनिरपेक्ष गतिविधियां प्रभावित होने पर राज्य हस्तक्षेप करेगा। सबरीमाला समेत मामलों की सुनवाई में संविधान पीठ ने अधिकारों के संतुलन पर जोर दिया।

कीर्तिमान ब्यूरो
कीर्तिमान ब्यूरो
29 Apr 2026, 09:22 AM
📍 नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को टिप्पणी करते हुए कहा कि धार्मिक गतिविधियों के नाम पर सड़कों को अवरुद्ध नहीं किया जा सकता है और किसी भी धार्मिक समुदाय को पूजा-पाठ करने के तरीके में स्वायत्तता है और अदालत उसके धार्मिक मामलों में फैसला नहीं सुना सकती है, लेकिन अगर किसी धर्मनिरपेक्ष गतिविधि पर असर पड़ रहा है, तो सरकार उसके अधिकारों में हस्तक्षेप कर सकती है।

केरल के सबरीमाला मंदिर सहित अन्य मामलों में हुई सुनवाई

केरल के सबरीमाला मंदिर सहित धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव और विभिन्न धर्मों द्वारा पालन की जाने वाली धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे और सीमा से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के 9 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह टिप्पणी की। पीठ में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना, एम एम सुंदरेश, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, अरविंद कुमार, ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, प्रसन्ना बी वराले, आर महादेवन और जॉयमाल्य बागची शामिल थे। सुनवाई के नौवें दिन, अदालत में हिंदू धर्म आचार्य सभा का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता अक्षय नागराजन ने दलील दी कि सरकार अनुच्छेद 25(2)(क) के आधार पर किसी धार्मिक संप्रदाय के अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

क्या है अनुच्छेद 25 (2)

संविधान के अनुच्छेद 25(2)(क) के तहत राज्य को धार्मिक प्रथाओं से जुड़ी किसी भी आर्थिक, वित्तीय, राजनीतिक या अन्य धर्मनिरपेक्ष गतिविधि को विनियमित या प्रतिबंधित करने का अधिकार प्राप्त है। नागराजन ने कहा कि अनुच्छेद 25 के तहत मिलने वाला संरक्षण केवल धार्मिक आस्था के मामलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आस्था की बाहरी अभिव्यक्तियाँ भी शामिल हैं, जिनमें किसी विशेष देवता की पूजा से जुड़े अनुष्ठान, रीति-रिवाज, समारोह और प्रथाएं शामिल हैं।

न्यायमूर्ति नागरत्ना ने की टिप्पणी

इन दलीलों के आधार पर न्यायमूर्ति नागरत्ना ने टिप्पणी की कि यदि किसी धर्मनिरपेक्ष गतिविधि पर धार्मिक गतिविधियों का प्रभाव पड़ता है तो राज्य हस्तक्षेप कर सकता है। उन्होंने कहा, “मान लीजिए कोई मंदिर है, वे वार्षिक उत्सव मनाना चाहते हैं, जैसे कि वार्षिक रथ यात्रा। आप मंदिर के आसपास की सभी सड़कों को अवरुद्ध नहीं कर सकते। इसका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।
आप अपनी धार्मिक गतिविधि कर सकते हैं, लेकिन सड़कों को अवरुद्ध करके नहीं। राज्य नियमन के लिए हस्तक्षेप कर सकता है।” न्यायमूर्ति नागरत्ना ने जोर देकर कहा कि यद्यपि न्यायालय किसी धार्मिक समुदाय के धार्मिक मामलों पर निर्णय नहीं दे सकता क्योंकि संविधान के तहत उस समुदाय को स्वायत्तता दी गई है, लेकिन जब धर्मनिरपेक्ष गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो राज्य हस्तक्षेप कर सकता है।

📱 हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
सरकारी सूचना राजनीति अतिथि
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश विदेश मनोरंजन/फैशन खेल धर्म /ज्योतिष करियर/शिक्षा कारोबार पर्यटन/यात्रा 🌙 डार्क/लाइट मोड ✍️ डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
🎬
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

⚠️
सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
🔔
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें