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जिला अस्पताल
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कबीरधाम जिला अस्पताल बना भरोसे का नया नाम, स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार

कबीरधाम जिला अस्पताल में बीते वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार दर्ज किया गया है। ओपीडी, आईपीडी, प्रसव सेवाओं, सोनोग्राफी, एक्स-रे और लैब जांच में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आधुनिक मशीनों, बेहतर प्रबंधन और चिकित्सकीय सेवाओं के विस्तार से मरीजों का भरोसा बढ़ा है।

कीर्तिमान ब्यूरो
कीर्तिमान ब्यूरो
14 Apr 2026, 07:26 PM
कबीरधाम

कबीरधाम जिला अस्पताल अब सिर्फ एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र नहीं, बल्कि आम जनता के भरोसे और बेहतर इलाज का मजबूत प्रतीक बनकर उभरा है। बीते वर्षों में अस्पताल में हुए व्यापक सुधारों ने स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। आज स्थिति यह है कि गंभीर बीमारियों से लेकर सामान्य इलाज तक के लिए लोग अब निजी अस्पतालों के बजाय जिला अस्पताल पर भरोसा जता रहे हैं। यह बदलाव उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक विजय शर्मा के सतत प्रयासों, निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में किए गए कार्यों का परिणाम माना जा रहा है।

ओपीडी में जबरदस्त उछाल, भरोसे की बढ़ती तस्वीर

जिला अस्पताल की सबसे बड़ी उपलब्धि ओपीडी सेवाओं में देखी जा रही है। वर्ष 2023 में जहां ओपीडी में 1,19,557 मरीज पहुंचे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,64,712 तक पहुंच गई। यह लगभग 45 हजार से अधिक मरीजों की वृद्धि है, जो स्पष्ट संकेत देता है कि जिले की जनता अब इलाज के लिए जिला अस्पताल को पहली प्राथमिकता दे रही है।

आईपीडी में भी बढ़ा भरोसा, गंभीर मरीजों की संख्या में इजाफा

  • अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • 2023 में जहां 11,742 मरीज भर्ती हुए थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 13,253 हो गया।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव इस बात का संकेत है कि अब गंभीर मामलों में भी लोग जिला अस्पताल की सेवाओं पर भरोसा कर रहे हैं।

प्रसव सेवाओं में सुधार, सुरक्षित मातृत्व की ओर बड़ा कदम

महिला एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी अस्पताल ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
2023 में 3,001 प्रसव हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,925 हो गई।

इस वृद्धि को स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता और सुरक्षित प्रसव सेवाओं में सुधार का परिणाम माना जा रहा है।

सोनोग्राफी में 8 गुना रिकॉर्ड बढ़ोतरी, जांच व्यवस्था मजबूत

जिला अस्पताल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में सोनोग्राफी सेवाओं में हुआ सुधार शामिल है।
2023 में जहां 874 सोनोग्राफी जांच हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 7,244 तक पहुंच गई।

यह लगभग 8 गुना वृद्धि है, जो आधुनिक मशीनों की उपलब्धता, विशेषज्ञ स्टाफ और बेहतर प्रबंधन का नतीजा है।

डायग्नोस्टिक सेवाओं में बड़ा विस्तार

अस्पताल में जांच सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है—

  • एक्स-रे: 9,865 → 13,920
  • लैब जांच: 2,10,186 → 3,62,113
  • सिटी स्कैन: जुलाई 2025 से अब तक 1,462

इन आंकड़ों से साफ है कि अब मरीजों को जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है।

 नेत्र चिकित्सा में सुधार, मोतियाबिंद ऑपरेशन में बढ़ोतरी

नेत्र रोगियों के लिए भी जिला अस्पताल ने राहत भरा काम किया है। मोतियाबिंद ऑपरेशन में वर्ष 2025 में 2023 की तुलना में 216 मामलों की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे बुजुर्ग मरीजों को सुलभ और समय पर इलाज मिल रहा है।

गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत

जिला अस्पताल में निःशुल्क इलाज, आधुनिक मशीनें और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता ने गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को बड़ी राहत दी है। अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भरता काफी हद तक कम हुई है।

सीमावर्ती जिलों के लिए भी बना जीवन रेखा

कबीरधाम जिला अस्पताल अब केवल जिले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मध्यप्रदेश के डिंडोरी और मंडला जैसे सीमावर्ती जिलों के मरीजों के लिए भी यह प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र बन गया है। यह क्षेत्रीय स्तर पर अस्पताल की बढ़ती विश्वसनीयता को दर्शाता है।

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