देश में एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती मांग और सप्लाई पर पड़ रहे दबाव के बीच दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब राजधानी में कमर्शियल गैस सिलेंडर लेने के नियम और सख्त कर दिए गए हैं। जिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपलब्ध है, वहां अब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर तभी मिलेगा, जब संबंधित उपभोक्ता PNG पर स्विच करने के लिए सहमत होगा।
क्या है पूरा मामला
सरकार के इस फैसले का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा, जहां अब तक बड़े पैमाने पर एलपीजी सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा था। नए आदेश के मुताबिक, ऐसे सभी कमर्शियल उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
PNG अपनाना क्यों जरूरी किया गया
दिल्ली सरकार का मानना है कि एलपीजी की खपत लगातार बढ़ रही है, जिससे सप्लाई पर दबाव बन रहा है। ऐसे में PNG जैसे वैकल्पिक और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना जरूरी हो गया है। PNG न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि यह निरंतर सप्लाई भी देता है और पर्यावरण के लिए बेहतर माना जाता है।
जहां PNG है, वहां क्या करना होगा
जिन इलाकों में पहले से PNG नेटवर्क मौजूद है, वहां कमर्शियल यूजर्स को यह स्पष्ट करना होगा कि वे PNG अपनाने के लिए तैयार हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करना जरूरी होगा, तभी उन्हें LPG सिलेंडर जारी रखने की अनुमति मिलेगी।
जहां PNG नहीं पहुंचा, वहां क्या नियम
जिन क्षेत्रों में अभी PNG सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां भी उपभोक्ताओं को छूट नहीं दी गई है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यवसायों को लिखित रूप में यह आश्वासन देना होगा कि जैसे ही उनके क्षेत्र में PNG सेवा उपलब्ध होगी, वे LPG छोड़कर PNG पर स्विच कर लेंगे।
OMC में रजिस्ट्रेशन भी जरूरी
इस नई व्यवस्था के तहत कमर्शियल यूजर्स को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के साथ रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि गैस वितरण और उपयोग की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सके।
क्या है मौजूदा स्थिति
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में करीब 56 लाख घरेलू LPG कनेक्शन मौजूद हैं। वहीं PNG नेटवर्क भी तेजी से शहर के अधिकांश हिस्सों तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद कमर्शियल सेक्टर में LPG की खपत लगातार बढ़ रही है, जो सरकार के लिए चिंता का विषय बन गई है।
घरेलू उपभोक्ताओं पर क्या असर
इस फैसले का असर आम घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। घरेलू LPG कनेक्शन पहले की तरह ही जारी रहेंगे और उनके लिए कोई नया प्रतिबंध लागू नहीं किया गया है। यह सख्ती केवल कमर्शियल और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं तक सीमित है।
आगे क्या हो सकता है
फिलहाल यह नियम केवल दिल्ली में लागू किया गया है, लेकिन जिस तरह से एलपीजी की मांग बढ़ रही है, उसे देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी इस तरह के नियम लागू किए जा सकते हैं।
