छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर शहर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक प्लास्टिक और पटाखों की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने दो मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में घना धुआं फैल गया, जो करीब 8–10 किलोमीटर दूर तक देखा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, दुकान में भारी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री और पटाखों का भंडारण किया गया था, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया और लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं।
25 टैंकर पानी, फिर भी काबू से बाहर आग
आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। अब तक करीब 25 टैंकर पानी का उपयोग किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। दमकल कर्मी लगातार आग को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि आसपास की इमारतों को सुरक्षित करने के लिए विशेष एहतियात बरती जा रही है।
घनी आबादी वाला इलाका, आसपास के घर खाली कराए गए
आग जिस स्थान पर लगी, वह पूरी तरह रिहायशी और घनी आबादी वाला क्षेत्र है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत आसपास के घरों को खाली कराया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीम लगातार मौके पर मौजूद है और हालात पर नजर बनाए हुए है।
कोई जनहानि नहीं, कलेक्टर का बयान
अंबिकापुर कलेक्टर अजीत बसंत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत की बात यह है कि इस भीषण अग्निकांड में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। कलेक्टर ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और प्राथमिकता आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने की है।
विधायक भी पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक और मंत्री Rajesh Agrawal भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा की और प्रशासन को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विधायक ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि शहर के भीतर सड़क चौड़ीकरण और व्यवस्थित शहरी विकास का समर्थन करें, ताकि आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड जैसी गाड़ियां आसानी से पहुंच सकें।
धमाकों से दहशत, धुएं से ढका इलाका
आग के दौरान पटाखों में लगातार धमाके होने से इलाके में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित दूरी पर खड़े होकर स्थिति देखते रहे। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि रिहायशी इलाके में ज्वलनशील सामान का भंडारण किया गया था, जिसकी जानकारी प्रशासन को भी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन सतर्क, जांच के आदेश संभव
फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के संकेत दिए हैं। आग कैसे लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी विस्फोट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राहत कार्य जारी
फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि हालात पर जल्द नियंत्रण पा लिया जाएगा, हालांकि पटाखों के कारण आग बुझाने में लगातार मुश्किलें आ रही हैं।

