खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में देशभर की जनजातीय प्रतिभाओं ने दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में कर्नाटक ने अपने शानदार खेल के दम पर ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, मेजबान छत्तीसगढ़ ने पूरे टूर्नामेंट में संघर्षपूर्ण प्रदर्शन करते हुए कुल 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदक जीतकर नौवां स्थान हासिल किया।
पहले दिन से आगे रहा कर्नाटक, तैराकी में बनाया अंतर
कर्नाटक ने शुरुआत से ही बढ़त बनाते हुए कुल 23 स्वर्ण, 8 रजत और 7 कांस्य पदक अपने नाम किए। टीम की जीत की सबसे बड़ी वजह तैराकी रही, जहां उसने अकेले 15 स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा एथलेटिक्स में 5 और कुश्ती में 3 स्वर्ण ने उसे शीर्ष पर बनाए रखा। कर्नाटक के मणिकांत एल 8 स्वर्ण और 1 रजत के साथ प्रतियोगिता के सबसे सफल खिलाड़ी रहे, जबकि धोनिश एन ने 5 स्वर्ण जीतकर अहम योगदान दिया।
ओडिशा-झारखंड ने दी कड़ी टक्कर
पदक तालिका में ओडिशा 21 स्वर्ण के साथ दूसरे और झारखंड 16 स्वर्ण के साथ तीसरे स्थान पर रहा। ओडिशा ने सभी खेलों में स्वर्ण जीतकर संतुलित प्रदर्शन किया, जबकि झारखंड ने एथलेटिक्स और कुश्ती में अपनी ताकत दिखाई। झारखंड की स्टार तीरंदाज कोमालिका बारी ने महिला रिकर्व में स्वर्ण जीता, वहीं ओडिशा के अर्जुन खारा पुरुष वर्ग में विजेता बने।
फुटबॉल फाइनल में चूक गया छत्तीसगढ़
मेजबान छत्तीसगढ़ को सबसे बड़ा झटका पुरुष फुटबॉल फाइनल में लगा।
पश्चिम बंगाल ने रोमांचक मुकाबले में 1-0 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि छत्तीसगढ़ को रजत से संतोष करना पड़ा। यह छत्तीसगढ़ का आखिरी पदक भी रहा।
अंतिम दिन तीरंदाजी में बंटे स्वर्ण
- अंतिम दिन तीरंदाजी में चार स्वर्ण पदक दांव पर थे—
- महिला रिकर्व: कोमालिका बारी (झारखंड)
- पुरुष रिकर्व: अर्जुन खारा (ओडिशा)
- महिला टीम: नागालैंड
- पुरुष टीम: झारखंड
आंकड़ों में आयोजन
- 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी
- करीब 3,800 खिलाड़ी शामिल
- 9 खेल विधाओं में मुकाबले
- कुल 106 स्वर्ण पदक
देशभर से उभरी जनजातीय प्रतिभा
इस आयोजन में 25 राज्यों ने पदक जीते, जिनमें 20 राज्यों ने कम से कम एक स्वर्ण हासिल किया।
महाराष्ट्र चौथे और अरुणाचल प्रदेश पांचवें स्थान पर रहा।
