महासमुंद जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन खल्लारी मेला महोत्सव का इस वर्ष भव्य शुभारंभ श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ हुआ। ऐतिहासिक आस्था के केंद्र खल्लारी माता मंदिर परिसर में आयोजित इस 5 दिवसीय मेले के उद्घाटन अवसर पर जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और हजारों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति देखने को मिली।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ मां खल्लारी के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष केशव नायक रामचंद्राकर के करकमलों से कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत खल्लारी के सरपंच पुष्पेंद्र साहू ने की। वहीं विशिष्ट अतिथियों में जनपद उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार, मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद त्रिवेदी एवं जनपद सदस्य राहुल चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
आस्था का केंद्र: खल्लारी माता मंदिर
खल्लारी माता मंदिर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। मान्यता है कि यहां विराजमान मां खल्लारी अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और संकटों का नाश करती हैं। यही कारण है कि हर वर्ष यह मेला हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।
मुख्य अतिथि का संबोधन
मुख्य अतिथि केशव नायक रामचंद्राकर ने अपने संबोधन की शुरुआत “जय मां खल्लारी” के उद्घोष से की। उन्होंने कहा कि— “खल्लारी धाम सदियों से श्रद्धा और आस्था का केंद्र रहा है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु आते हैं।” उन्होंने मेले को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताते हुए आयोजन समिति की सराहना की और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। “हमारी पहचान है खल्लारी महोत्सव” विशिष्ट अतिथि जनपद उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार ने कहा कि खल्लारी महोत्सव न केवल क्षेत्र, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की पहचान है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर वर्ष इस आयोजन को और भव्य बनाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन ने दिए बेहतर व्यवस्थाओं के संकेत
जनपद पंचायत सीईओ एम. एल. मरावी ने मेले के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर जनपद पंचायत सभापति, सदस्यगण, सरपंच संघ के पदाधिकारी, युवा प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने सामूहिक सहभागिता और सामाजिक एकजुटता का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में उप सरपंच, समाजसेवी एवं पत्रकार तारेश साहू ने सभी अतिथियों, प्रशासन और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मेले की सफलता की कामना की।
आस्था और संस्कृति का जीवंत उत्सव
खल्लारी मेला महोत्सव का यह भव्य आगाज एक बार फिर यह साबित करता है कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और पारंपरिक एकता का भी प्रतीक है। आने वाले दिनों में यह मेला हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगा और क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
