पाँच दिवसीय खल्लारी मेला महोत्सव
के पावन अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव शुक्रवार रात खल्लारी धाम
पहुंचे। उन्होंने माँ खल्लारी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की
सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और
भक्ति का उत्साह देखते ही बन रहा था।
आस्था और विरासत का संगम है खल्लारी
धाम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि खल्लारी धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और लोकजीवन की आत्मा
का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह शक्तिपीठ सदियों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था
का केंद्र रहा है, जहाँ दूर-दूर से
लोग अपनी मनोकामनाएँ लेकर आते हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास
को नई गति
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विष्णु देव
साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों
के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय
स्तर पर और सुदृढ़ होगी।
खल्लारी पहुंच मार्ग होगा सुदृढ़
उपमुख्यमंत्री ने नेशनल हाईवे से
खल्लारी मंदिर तक लगभग 3 किलोमीटर लंबे मार्ग के सुदृढ़ीकरण की घोषणा की। इस फैसले
से श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
लोकसंस्कृति और समरसता का उत्सव
अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि
खल्लारी धाम का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। पहाड़ों और प्राकृतिक
सौंदर्य के बीच स्थित यह मंदिर शक्ति की उपासना का प्रमुख केंद्र है। यहाँ आयोजित
मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता, लोक संस्कृति और
परंपराओं के संरक्षण का भी सशक्त माध्यम है।
जनप्रतिनिधियों ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में सांसद रूपकुमारी
चौधरी ने कहा कि खल्लारी मेला क्षेत्र की पहचान है और इसके विकास के लिए निरंतर
प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं
को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने इसे हमारी परंपरा
और संस्कृति का जीवंत उदाहरण बताया। पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू ने कहा कि खल्लारी सभी धर्मों और जातियों के लोगों
के लिए समरसता का केंद्र है। जिला स्काउट गाइड संघ के अध्यक्ष येतराम साहू ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को
संस्कृति और सेवा से जोड़ते हैं।
श्रद्धा और उत्साह से सराबोर मेला
ज्ञात हो कि शुक्रवार से प्रारंभ
हुआ पाँच दिवसीय खल्लारी मेला महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में
श्रद्धालु खल्लारी धाम पहुंचकर माता रानी के दर्शन कर रहे हैं। मेला परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक
कार्यक्रम, स्थानीय बाजार और पारंपरिक
गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
