जिले के बसना विकासखंड के ग्राम गिधली में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल योजना ने ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली लाई है। ग्रामीण बताते हैं कि गांव के लोगों की सुबह की दिनचर्या पानी की समस्या से शुरू होती थी। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए हैंडपंप और पावर पंप पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी, जब पानी के स्रोत सूखने लगते थे और लोगों को दूर-दूर तक पानी लाने के लिए जाना पड़ता था। इससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी होती थी, महिलाओं को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
ग्रामीणों का सहयोग भी महत्वपूर्ण
परिस्थिति में बदलाव तब आया जब जल जीवन मिशन के तहत गांव में कार्य प्रारंभ हुआ। इस योजना के अंतर्गत लगभग 100.52 लाख रुपये की लागत से एक पानी टंकी का निर्माण किया गया और करीब 4644 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई। जिससे गांव के 250 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए। पहले जहां गांव में 9 हैंडपंप और 5 पावर पंप ही जल का मुख्य स्रोत थे, वहीं अब सभी घरों तक सीधे स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। इस सफलता में ग्राम पंचायत के सरपंच श्री शोभित मांझी का नेतृत्व और ग्रामीणों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। इसी का परिणाम है कि 17 अप्रैल 2025 को ग्राम गिधली को हर घर जल ग्राम के रूप में प्रमाणित किया गया।
आसानी से स्वच्छ पानी उपलब्ध
गांव की लाभार्थी श्रीमती रेखा भोई बताती हैं कि पहले उन्हें पानी भरने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों अधिक लगते थे। लेकिन अब घर में नल कनेक्शन मिलने से उन्हें आसानी से स्वच्छ पानी उपलब्ध हो जाता है। इससे उनका समय बचता है, जिसे वे अब घर और अन्य उपयोगी कार्यों में लगा पाती हैं, जिससे समय सदुपयोग हो रहा है।
पानी की पुरानी समस्या
- पहले गांव के लोग पीने के पानी के लिए हैंडपंप और पावरपंप पर निर्भर थे।
- गर्मी के दिनों में पानी की कमी और दूर-दूर तक पानी लाने की कठिनाई थी।
- यह समस्या विशेषकर महिलाओं के लिए कठिनाई और समय की बर्बादी का कारण थी।
- योजना के तहत 100.52 लाख रुपये की लागत से पानी टंकी का निर्माण।
- लगभग 4644 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई।
- 250 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए।
- इससे पहले केवल 9 हैंडपंप और 5 पावरपंप गांव के मुख्य जल स्रोत थे।
