प्रदेश में अवैध खनन और ओवर माइनिंग पर लगाम कसने के लिए अब सरकार हाईटेक टेक्नोलॉजी का सहारा लेने जा रही है। खदानों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों की तैनाती की जाएगी, वहीं खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाने के लिए 10 प्रमुख रूट्स पर ई-चेक गेट सिस्टम लागू किया जाएगा। इस पहल से अवैध उत्खनन, ओवरलोडिंग और टैक्स चोरी पर प्रभावी रोक लगाने की तैयारी है।
ड्रोन से होगी 24x7 निगरानी, 3D मैपिंग से पकड़ में आएगा ओवर माइनिंग
खनिज विभाग ने शुरुआती चरण में 5 ड्रोन कैमरे तैनात करने की योजना बनाई है। ये ड्रोन खदानों का एरियल सर्वे करेंगे और 3D मैपिंग के जरिए यह स्पष्ट करेंगे कि खनन तय लीज क्षेत्र के भीतर हो रहा है या सीमा से बाहर। ड्रोन से मिलने वाले हाई-रिजोल्यूशन डेटा की समय-समय पर तुलना कर ओवर माइनिंग को आसानी से चिन्हित किया जा सकेगा। खास बात यह है कि यह तकनीक दुर्गम जंगल और पहाड़ी इलाकों में भी निगरानी को आसान बनाएगी, जहां पारंपरिक निरीक्षण मुश्किल होता है। पहले चरण में रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार और बिलासपुर जैसे जिलों की संवेदनशील खदानों में ड्रोन तैनात किए जाएंगे।
10 रूट्स पर ई-चेक गेट: हर ट्रक की होगी डिजिटल एंट्री
खनिज परिवहन पर निगरानी के लिए 10 प्रमुख मार्गों पर ई-चेक गेट सिस्टम लागू किया जाएगा। यह पूरी तरह डिजिटल होगा, जिसमें हर वाहन की एंट्री और एग्जिट का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होगा। जैसे ही कोई ट्रक चेक गेट से गुजरेगा, उसकी पूरी जानकारी—वाहन नंबर, खनिज का प्रकार, मात्रा और गंतव्य—सिस्टम में दर्ज हो जाएगी।
इससे:
- ओवरलोडिंग पर तुरंत रोक लगेगी
- बिना रॉयल्टी परिवहन पकड़ में आएगा
- फर्जी कागजों की गुंजाइश खत्म होगी
अधिकारियों को रियल टाइम ट्रैकिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे किसी भी वाहन की लोकेशन और मूवमेंट पर नजर रखी जा सकेगी।
ऐसे होते हैं अवैध खनन के तरीके
प्रदेश में अवैध खनन कई रूपों में सामने आता है:
- बिना लीज या परमिट के खनन
- लीज एरिया से बाहर खुदाई
- तय सीमा से अधिक खनिज निकालना (ओवर माइनिंग)
- बिना रॉयल्टी खनिज परिवहन
- फर्जी दस्तावेजों के जरिए खनन
क्या बोले अधिकारी
खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनन पर सख्ती बरती जा रही है। ड्रोन निगरानी और ई-चेक गेट सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
असर क्या होगा?
- खदानों में पारदर्शिता बढ़ेगी
- राजस्व में इजाफा होगा
- पर्यावरणीय नुकसान पर लगेगी रोक
- अवैध खनन माफियाओं पर कसेगा शिकंजा
सरकार का यह कदम खनन सेक्टर में तकनीकी सुधार की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में अवैध गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है।