जनगणना 2027 के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत अछरीडीह में आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीण जनगणना चार्ज अधिकारी एवं तहसीलदार महासमुंद जुगल किशोर पटेल ने उपस्थित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को जनगणना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने
बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल
माध्यम को प्राथमिकता दी जा रही है। नागरिकों को “स्वगणना” (Self Enumeration) की सुविधा दी गई है,
जिसके माध्यम से वे अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस सुविधा का लाभ उठाएं
और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
तहसीलदार
पटेल ने कहा कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं की नींव
है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही शिक्षा, स्वास्थ्य,
रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित नीतियां तैयार की जाती हैं।
इसलिए हर नागरिक का इसमें सही और समय पर भागीदारी जरूरी है।
ग्रामसभा
में डिजिटल जनगणना के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने
बताया कि स्वगणना की प्रक्रिया 16
अप्रैल से 30 अप्रैल तक जारी है, जिसमें नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
इसके बाद
जनगणना का प्रथम चरण 1 मई से 30 मई तक चलेगा, जिसमें
प्रगणक घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) का कार्य
करेंगे। इस दौरान प्रत्येक घर की बुनियादी जानकारी एकत्रित की जाएगी।
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जनगणना प्रक्रिया से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। प्रशासन द्वारा ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर जनगणना को सफल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

