बारनवापारा अभ्यारण्य से भटककर आए चार जंगली बायसन (वन भैंसा) मंगलवार को झलप क्षेत्र में पहुंच गए। रिहायशी इलाके के करीब इन विशालकाय वन्यजीवों के पहुंचने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद सभी बायसनों को सुरक्षित जंगल की ओर भेजा गया।
लखनपुर में फसल पर मंडराया खतरा
जानकारी के अनुसार, बायसन झलप नाका तालाब के रास्ते लखनपुर की ओर बढ़े। उस समय खेतों में धान की खड़ी फसल थी। बायसनों के खेतों की ओर बढ़ते ही किसानों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर-शराबा किया, जिससे बायसन घबरा गए और खेतों में घुसने के बजाय वापस झलप की दिशा में लौट गए। इससे किसानों की फसल को संभावित नुकसान से बचा लिया गया।
नेशनल हाईवे पर रोका गया ट्रैफिक
बायसनों के वापस आबादी और नेशनल हाईवे की ओर मुड़ने से स्थिति और संवेदनशील हो गई। किसी भी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल हाईवे पर यातायात रुकवाया। सुरक्षा घेरा बनाकर टीम ने सावधानीपूर्वक चारों बायसनों को सड़क पार कराया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
कुर्रूभाठा के जंगल में छोड़ा गया
हाईवे पार कराने के बाद वन अमले ने घेराबंदी कर बायसनों को तेलीबांधा मार्ग से कुर्रूभाठा के जंगलों की ओर खदेड़ा। करीब कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद चारों बायसन सुरक्षित जंगल क्षेत्र में पहुंच गए। इसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
इनकी रही प्रमुख भूमिका
रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। टीम में रामपुरी गोस्वामी (वनपाल), बाजन सिंह डडसेना (वनपाल), देवकुमार ध्रुव (वनरक्षक) और भागा साहू (वनरक्षक) शामिल थे। इसके अलावा बोडरा सर्किल के सुरक्षा श्रमिकों ने भी सहयोग किया।
मानव-वन्यजीव टकराव का बढ़ता दायरा
विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों के घटते दायरे और पानी-खाद्य की तलाश में वन्यजीव अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में समय रहते सतर्कता और समन्वय ही बड़ी घटनाओं को टालने में मददगार साबित हो रहा है।
चला रेस्क्यू ऑपरेशन
- हाईवे पर यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया
- सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों को दूर रखा गया
- प्रशिक्षित टीम ने रणनीति के तहत बायसनों को सुरक्षित रास्ता दिखाया
- कड़ी मशक्कत के बाद चारों बायसनों को सुरक्षित हाईवे पार कराया गया। इस दौरान पूरे इलाके में ‘हाई वोल्टेज’ स्थिति बनी रही।
क्यों शहरों की ओर बढ़ रहे जंगली जानवर
- जंगलों का सिमटना: शहरीकरण, सड़क निर्माण और खेती के विस्तार के कारण वन क्षेत्र लगातार घट रहे हैं, जिससे वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकलने को मजबूर हो रहे हैं।
- भोजन और पानी की तलाश: जंगलों में भोजन और जल स्रोतों की कमी होने पर जानवर खेतों और गांवों की ओर रुख करते हैं, जहां उन्हें आसानी से भोजन मिल जाता है।
- वन क्षेत्र का खंडित होना: सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों से वन क्षेत्र छोटे-छोटे हिस्सों में बंट गए हैं, जिससे वन्यजीव अपने रास्ते भटक जाते हैं।
- जलवायु परिवर्तन का असर: बदलते मौसम और सूखे जैसी स्थितियों के कारण भी जानवर नए क्षेत्रों की तलाश में निकल पड़ते हैं।
