महासमुंद जिले के धान उपार्जन केंद्र अमरकोट में 2024-25 की धान खरीदी के दौरान भारी गड़बड़ी सामने आई। शिकायतकर्ता अमृत लाल जगत ने 20 मई 2025 को बताया कि केंद्र में 14221 बोरे धान में से 11416 बोरे गायब पाए गए, जिससे सरकार को लगभग 1,65,80,908 रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। प्रत्येक बोरे का मानक वजन 40 किलो था और प्रत्येक क्विंटल की दर ₹3100 थी।
इस मामले में तीन आरोपी शामिल थे – केंद्र प्रभारी कार्तिकेश्वर यादव, बारदाना प्रभारी तेजराम पटेल, और कंप्यूटर ऑपरेटर राजेन्द्र पटेल। जांच के दौरान राजेन्द्र पटेल ने 2 फरवरी को आत्मसमर्पण किया, जबकि अन्य दो आरोपी फरार थे।
कार्यवाई
तकनीकी जांच और लगातार दबिश के बाद, पुलिस ने 3 अप्रैल को कार्तिकेश्वर यादव और तेजराम पटेल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया। मामले की विवेचना जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रार्थी/शिकायतकर्ता:
- अमृत लाल जगत, पिता उत्तम जगत, उम्र 53 वर्ष
- निवासी: जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, रायपुर
आरोपी:
- कार्तिकेश्वर यादव, पिता हरिशचंद यादव, उम्र 56, निवासी मुंधा
- तेजराम पटेल, पिता कुशलाल पटेल, उम्र 33, निवासी चकरदा
- राजेन्द्र पटेल, निवासी चकरदा
घटना का विवरण:
- दिनांक: 20.05.2025
- स्थान: धान उपार्जन केंद्र, अमरकोट
- वर्ष: 2024-25 की धान खरीदी
- भौतिक सत्यापन में कुल 14221 बोरे धान में से 11416 बोरे कम पाए गए।
कानूनी कार्रवाई:
- शिकायत पर अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
- राजेन्द्र पटेल ने 02 फरवरी को आत्मसमर्पण किया।
- बाकी दो आरोपी (कार्तिकेश्वर यादव और तेजराम पटेल) फरार थे।
- तकनीकी जांच सहायता से जानकारी प्राप्त हुई।
गिरफ्तारी:
- दिनांक: 03 अप्रैल
- आरोपी: कार्तिकेश्वर यादव और तेजराम पटेल
- दोनों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
संक्षेप में
यह मामला धान की खरीदी में धोखाधड़ी और आर्थिक हानि से जुड़ा है।
तीन आरोपियों में से एक (राजेन्द्र) ने आत्मसमर्पण किया, जबकि अन्य दो फरार थे और बाद में गिरफ्तार किए गए।
