छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर राज्य सरकार अब सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि प्रदेश में किसी भी तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी भी निजी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना या दबाव बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। प्रदेश में लगातार सामने आ रही छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायतों के बाद सरकार ने निगरानी और सख्त कर दी है।
किताबों के नाम पर वसूली पर सरकार सख्त
प्रदेश में निजी स्कूलों और प्रकाशकों की मिलीभगत का मामला सामने आने के बाद सरकार और ज्यादा सतर्क हो गई है। रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ कि जहां एक ओर NCERT की किताबें बेहद कम कीमत पर उपलब्ध हैं, वहीं निजी प्रकाशनों की किताबें कई गुना ज्यादा कीमत पर बेची जा रही हैं। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन उन्हें एक तय पब्लिकेशन की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर करते हैं, जिससे उनका खर्च बढ़ रहा है।
शिक्षा मंत्री ने भी दिए सख्त निर्देश
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सभी कलेक्टरों को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे निजी स्कूलों की गतिविधियों पर नजर रखें और नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं।
अभिभावकों को राहत देने की कोशिश
राज्य सरकार का फोकस अब शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और अभिभावकों को राहत देने पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि बच्चों की शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की लूट न हो और सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
