भगवान परशुराम जी के प्राकट्य दिवस को लेकर सर्व ब्राह्मण समाज ने खास तैयारी शुरू कर दी है। समाज की बैठक में निर्णय लिया गया कि 21 और 22 अप्रैल को होने वाले कार्यक्रम के दौरान सामूहिक बटुक उपनयन (यज्ञोपवीत) संस्कार भी कराया जाएगा।
समाज के अध्यक्ष हरीश पांडे और सचिव दानवीर शर्मा ने बताया कि 22 अप्रैल को मुख्य आयोजन होगा, जिसमें पूजा-अर्चना, शोभायात्रा और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम को हर वर्ष की तरह इस बार भी धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया है।
बताया गया कि आयोजन की विस्तृत रूपरेखा तय करने के लिए 10 अप्रैल को समाज की बैठक बुलाई गई है। वहीं, उपनयन संस्कार में शामिल होने के इच्छुक अभिभावकों को 9 अप्रैल तक पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
समाज के पदाधिकारियों के अनुसार, इससे पहले वर्ष 2022 में भी सामूहिक उपनयन संस्कार का सफल आयोजन किया गया था। इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम को वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न कराया जाएगा।
आयोजन में भाग लेने वाले परिवारों को 21 अप्रैल को स्थल पर पहुंचना होगा। कार्यक्रम के लिए चंडी माता मंदिर परिसर का चयन प्रस्तावित है।
बैठक राजनारायण शुक्ला की अध्यक्षता में हुई, जिसमें आरपी दुबे, पुरुषोत्तम ओझा, रुपेश तिवारी, संजय पुरोहित, धनंजय त्रिपाठी, उल्हास दास, ओमप्रकाश शर्मा, हर्षित शुक्ला, मयंक शर्मा और राहुल तिवारी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक में आयोजन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।
जरूरी जानकारी
पंजीयन की अंतिम तिथि: 9 अप्रैल
कार्यक्रम: 21-22 अप्रैल
मुख्य आयोजन: 22 अप्रैल
स्थान: चंडी माता मंदिर परिसर (प्रस्तावित)
