महासमुंद जिले के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की कार्यप्रणाली से नाराज शिक्षक संगठनों ने अब खुलकर मोर्चा खोल दिया है। विभिन्न संघों ने एकजुट होकर ‘सर्व शिक्षक मंच’ का गठन किया है और चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान कर दिया है। बीआरसीसी कार्यालय में हुई बैठक में शिक्षकों ने बीईओ पर मनमानी, वित्तीय अनियमितता और शिक्षकों की समस्याओं की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए। शिक्षक नेताओं ने साफ कहा कि अब चुप नहीं बैठेंगे, आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
तीन चरणों में होगा आंदोलन
सर्व शिक्षक मंच ने आंदोलन की पूरी रणनीति तय कर ली है—
- 15 अप्रैल: बीईओ कार्यालय का घेराव, विधायक, शिक्षामंत्री के नाम कलेक्टर और भाजपा जिलाध्यक्ष को ज्ञापन
- 27 अप्रैल: मांगें पूरी नहीं होने पर बीईओ कार्यालय के सामने आमरण अनशन
- अगला चरण: लोहिया चौक से मुख्यमंत्री निवास तक पदयात्रा सत्याग्रह
8 महीने बाद भी जांच अधूरी, शिक्षकों में नाराजगी
जिला संयोजक टेकराम सेन ने कहा कि बीईओ के खिलाफ बनी जांच समिति को 15 दिनों में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन 8 महीने बाद भी जांच पूरी नहीं हुई। इसे उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बताया।
बीईओ पर गंभीर आरोप
बैठक में शिक्षकों ने कई गंभीर मुद्दे उठाए—
- यात्रा भत्ता में गड़बड़ी: संकुल समन्वयकों को टीए देने से इनकार, जबकि बीईओ अपने स्टाफ के साथ मनमाने तरीके से टीए निकाल रहे
- स्टेशनरी घोटाले का आरोप: स्कूलों के नाम पर हजारों की खरीदी दिखी, लेकिन सामग्री स्कूलों तक नहीं पहुंची
- शिक्षकों की अनदेखी: छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी शिक्षकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे
सीजीटीए ब्लॉक अध्यक्ष राजेश साहू ने कहा कि यह कार्यप्रणाली शिक्षा व्यवस्था के लिए बेहद नुकसानदायक है।
“अब आर-पार की लड़ाई”
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सिराज बक्श ने कहा कि बीईओ की तानाशाही के कारण ही सभी शिक्षक संगठन एक मंच पर आए हैं। अब निर्णायक लड़ाई होगी और आंदोलन के दौरान किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
बैठक में बड़ी संख्या में शिक्षक नेता शामिल
बैठक में टेकराम सेन, ईश्वर चंद्राकर, सिराज बक्श, राजेश साहू, बसंत साव, बीपी मेश्राम, कमलनारायण यादव, आत्माराम साहू, मोहन साहू, खोसिल गेंड्रे, लक्ष्मीकांत सकारिया, पवन साहू सहित सभी प्रमुख शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
