Saturday, 19 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस
W 𝕏 f
होम धर्म बुद्ध पूर्णिमा : जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण का …
AI फोटो
AI फोटो
धर्म

बुद्ध पूर्णिमा : जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण का पावन संगम

Buddha Purnima वैशाख पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला एक प्रमुख बौद्ध पर्व है, जिसमें गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की तीन महत्वपूर्ण घटनाओं का स्मरण किया जाता है। बौद्ध ग्रंथों, विशेषकर Tripitaka और Sutta Pitaka में बुद्ध के जीवन, उपदेशों और अंतिम समय का विस्तृत वर्णन मिलता है। इनमें उनके संदेश—करुणा, अहिंसा, मध्यम मार्ग और आत्मनिर्भरता—को विशेष महत्व दिया गया है। यह पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, दान, ध्यान और सद्कर्मों के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति का संदेश देता है। बुद्ध की शिक्षाएँ आज भी जीवन में शांति और संतुलन का मार्ग दिखाती हैं।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 29 Apr 2026, 06:02 PM · अपडेट: 14 Sep 2026, 09:56 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
यह पर्व हर वर्ष वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, बुद्ध पूर्णिमा के  दिन जन्म, ज्ञान प्राप्ति बोधि और महापरिनिर्वाण तीनों घटनाओं को एक साथ स्मरण किया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा  2026 में बुद्ध पूर्णिमा 31 मई रविवार को मनाई जाएगी। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह सबसे पवित्र दिनों में से एक माना जाता है, और इस दिन ध्यान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है।

बुद्ध पूर्णिमा का रहस्य  

बुद्ध पूर्णिमा  शास्त्रों के अनुसार गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना जाता है. उन्होंने दुनिया को करुणा, शांति और अहिंसा का संदेश दिया. लोगों को मध्यम मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया. उनके अनुसार ना कम, ना ज्यादा मध्यम मार्ग का पालन करना चाहिए. भगवान बुद्ध को बौद्ध धर्म का संस्थापक कहा जाता है. वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है.

ग्रंथों में बुद्ध पूर्णिमा

बुद्ध पूर्णिमा का महत्व केवल परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा वर्णन प्राचीन बौद्ध ग्रंथों और शास्त्रों में भी मिलता है। गौतम बुद्ध के जीवन, उपदेशों और उनके ज्ञान की घटनाओं का विस्तृत उल्लेख बौद्ध साहित्य में किया गया है, जो इस पर्व की आध्यात्मिक गहराई को दर्शाता है।

त्रिपिटक

बौद्ध धर्म के प्रमुख ग्रंथ त्रिपिटक में बुद्ध के जीवन और उनके उपदेशों का संकलन मिलता है। त्रिपिटक के तीन भाग—विनय पिटक, सुत्त पिटक और अभिधम्म पिटक—में बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण से जुड़ी अनेक घटनाओं का उल्लेख है। हालांकि इन ग्रंथों में “बुद्ध पूर्णिमा” शब्द सीधे तौर पर नहीं मिलता, लेकिन वैशाख पूर्णिमा के दिन घटी इन तीनों महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन इसे अत्यंत पवित्र दिन के रूप में स्थापित करता है।

सुत्त पिटक 

सुत्त पिटक के अंतर्गत आने वाले महापरिनिब्बान सुत्त में गौतम बुद्ध के अंतिम समय और उनके महापरिनिर्वाण का विस्तृत वर्णन मिलता है। इसमें बताया गया है कि कैसे बुद्ध ने अपने शिष्यों को अंतिम उपदेश देते हुए कहा था“अप्प दीपो भव” अर्थात “स्वयं अपने दीपक बनो।” यह संदेश आज भी बुद्ध पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से स्मरण किया जाता है।

ज्ञान प्राप्ति 

इसी प्रकार, बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति का उल्लेख विभिन्न बौद्ध ग्रंथों और जातक कथाओं में मिलता है, जहां बताया गया है कि उन्होंने बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे कठोर साधना के बाद सत्य का ज्ञान प्राप्त किया। यह घटना वैशाख पूर्णिमा के दिन ही मानी जाती है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। कुछ ग्रंथों और परंपराओं में यह भी वर्णित है कि बुद्ध का जन्म भी वैशाख पूर्णिमा को लुंबिनी में हुआ था। इस प्रकार एक ही तिथि पर जन्म, ज्ञान और निर्वाण—तीनों घटनाओं का होना इस दिन को अद्वितीय बनाता है।

बौद्ध ग्रन्थ 

“बौद्ध धर्म” के ग्रंथ यह भी बताते हैं कि इस दिन दान, ध्यान और सद्कर्म करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसलिए बुद्ध पूर्णिमा पर लोग मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं, बौद्ध ग्रंथों का पाठ करते हैं और जरूरतमंदों की सहायता करते हैं। प्राचीन ग्रंथों में वर्णित घटनाएं स्पष्ट करती हैं कि बुद्ध पूर्णिमा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि ज्ञान, त्याग और मोक्ष का प्रतीक है। गौतम बुद्ध की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रभावशाली हैं, जितनी हजारों वर्ष पहले थीं। यही कारण है कि बुद्ध पूर्णिमा हमें न केवल अतीत से जोड़ती है, बल्कि एक बेहतर और शांतिपूर्ण भविष्य की दिशा भी दिखाती है।

ग्रंथों का संदेश

बौद्ध शास्त्रों का सार यही है कि जीवन अनित्य है और हर व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार फल मिलता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन यह शिक्षा और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है, क्योंकि यह हमें आत्मचिंतन और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
प्राचीन ग्रंथों में वर्णित घटनाएं स्पष्ट करती हैं कि बुद्ध पूर्णिमा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि ज्ञान, त्याग और मोक्ष का प्रतीक है। गौतम बुद्ध की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रभावशाली हैं, जितनी हजारों वर्ष पहले थीं। यही कारण है कि बुद्ध पूर्णिमा हमें न केवल अतीत से जोड़ती है, बल्कि एक बेहतर और शांतिपूर्ण भविष्य की दिशा भी दिखाती है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें