छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के तहत चल रही KYC प्रक्रिया ने अब कई हितग्राही महिलाओं की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में चॉइस सेंटर और आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। वजह है—नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी, जिससे उन्हें आशंका है कि कहीं उनकी मासिक किस्त बंद न हो जाए।
नाम में एक अक्षर का फर्क भी बना परेशानी
KYC के दौरान सामने आ रहा है कि पोर्टल में दर्ज नाम और आधार कार्ड में दर्ज नाम के बीच मामूली अंतर भी समस्या खड़ी कर रहा है। कई मामलों में एक अक्षर की गलती के कारण महिलाओं को दस्तावेज़ अपडेट कराने के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। चॉइस सेंटर पहुंचने पर नाम में अंतर पाए जाने पर उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र भेजा जा रहा है, जहां सुधार की प्रक्रिया बताई जा रही है।
केंद्रों पर उमड़ी भीड़, हर दिन बढ़ रहे केस
रायपुर सहित अन्य जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों के बाहर रोज़ाना बड़ी संख्या में महिलाएं KYC कराने पहुंच रही हैं। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, हर 10 में से 3-4 महिलाओं के नाम में स्पेलिंग से जुड़ी समस्या सामने आ रही है, जिससे प्रक्रिया में देरी हो रही है।
8-10 मिनट में पूरी हो रही KYC प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, जिन हितग्राहियों के दस्तावेज़ सही हैं, उनकी KYC प्रक्रिया महज 8 से 10 मिनट में पूरी हो रही है। इसके लिए महिलाओं को आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य है। हालांकि, नाम में त्रुटि होने पर समय ज्यादा लग रहा है।
अधिकारी बोले—घबराने की जरूरत नहीं
महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी शैल ठाकुर ने स्पष्ट किया कि KYC एक सामान्य प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य किसी का नाम योजना से हटाना नहीं है। उन्होंने कहा कि फॉर्म भरते समय हुई छोटी-मोटी गलतियों के कारण नाम में अंतर आ सकता है, जिसे आसानी से सुधारा जा सकता है।
उन्होंने हितग्राहियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और नाम में गड़बड़ी होने पर नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क कर सुधार करवाएं।
जून तक चलेगी KYC प्रक्रिया
जानकारी के मुताबिक, महतारी वंदन योजना के लिए KYC प्रक्रिया जून महीने तक जारी रहेगी। ऐसे में महिलाओं के पास अभी पर्याप्त समय है कि वे अपने दस्तावेज़ों में सुधार करवा लें और योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करते रहें।
