आरंग क्षेत्र में लंबे समय से फल-फूल रहे अवैध रेत खनन के काले साम्राज्य पर प्रशासन ने आज तड़के "हल्ला बोल" कर दिया। खनिज कलेक्टर राजेश माल्वे के कड़े निर्देशों पर खनिज इंस्पेक्टर भार्गव और खनिज विभाग की टीम ने रात के सन्नाटे में दबिश देकर माफियाओं के हौसले पस्त कर दिए। इस बड़ी कार्यवाही से आरंग, मंदिर हसौद और चंदखुरी क्षेत्र के रेत तस्करों में हड़कंप मच गया है।
प्रशासन को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आज तड़के करीब 3 बजे खनिज विभाग की टीम ने ग्राम चिखली और ग्राम कुरूद की रेत खदानों पर गुपचुप तरीके से धावा बोला। मौके पर जांच के दौरान भारी अनियमितता पाई गई, जहाँ स्वीकृत सीमा को ताक पर रखकर प्रतिबंधित रात्रिकालीन समय में धड़ल्ले से उत्खनन जारी था। टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए ग्राम चिखली से 2 और ग्राम कुरूद से 2 चैन माउंटेन (पोकलेन) मशीनें जब्त कीं।
अवैध उत्खनन बंद
कुल 4 मशीनों को मौके पर ही सीलबंद कर अवैध उत्खनन को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है।यह पूरी कार्यवाही पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं आम आदमी पार्टी के नेता परमानंद जांगड़े द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर हुई है। जांगड़े ने रात्रिकालीन उत्खनन, स्वीकृत सीमा से बाहर खनन, अवैध वसूली और बिना रॉयल्टी रेत भंडारण जैसे गंभीर आरोप लगाए थे, जो मौके पर जांच के दौरान सही पाए गए। शिकायतों को नहीं किया जाएगा नजरअंदाज
खनिज विभाग ने अब स्पष्ट कर दिया है कि संबंधित पट्टेदारों और संलिप्त पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी और खदानों का दोबारा सीमांकन कराया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए खनिज कलेक्टर राजेश माल्वे ने कहा कि जिले में अवैध उत्खनन की शिकायतों को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि नियमित निरीक्षण के माध्यम से सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी और अवैध उत्खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं शिकायतकर्ता परमानंद जांगड़े ने प्रशासन की इस सकारात्मक पहल का स्वागत किया है और भविष्य में भी इसी तरह की निष्पक्ष और प्रभावी कार्यवाही जारी रखने की अपेक्षा जताई है।
