आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बेहतर क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा पुणे में आयोजित चिंतन शिविर (17-18 अप्रैल) में राज्य को दो राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ को Best Performing Large State कैटेगरी में चुना गया है। राज्य को यह सम्मान संदिग्ध क्लेम की पहचान और उनके समय पर निपटारे में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला है।
इन 2 कैटेगरी में मिला अवॉर्ड
1. हाई ट्रिगर एफिकेसी
- संदिग्ध क्लेम को पहचानने में राज्य सबसे आगे
- आईटी आधारित मॉनिटरिंग और मजबूत ऑडिट सिस्टम से गड़बड़ी पर नजर
2. टाइमली प्रोसेसिंग ऑफ सस्पिशियस क्लेम्स
- तय समय-सीमा में क्लेम का निपटारा
- जांच, निर्णय और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता
- ट्रिगर बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम लागू
- क्लेम ऑडिट तंत्र मजबूत किया गया
- अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय
- संदिग्ध मामलों के निपटारे में तेजी
इन सुधारों से क्लेम प्रोसेसिंग तेज हुई है और मरीजों को समय पर इलाज मिलने लगा है।
मंत्री बोले- टीमवर्क का रिजल्ट
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा— “यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता और निरंतर सुधार का परिणाम है। हमारी कोशिश है कि हर जरूरतमंद को मुफ्त और बेहतर इलाज मिले।”
क्यों खास है यह उपलब्धि?
- बड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ की टॉप परफॉर्मेंस
- क्लेम मैनेजमेंट में पारदर्शिता का मॉडल बना
- देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण
- साफ है, आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ अब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
