महतारी वंदन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पारदर्शिता
सुनिश्चित करने जिले में 131 विभिन्न केन्द्रों में शिविर का आयोजन किया
गया है। आयोजित शिविर के माध्यम से पात्र विवाहित महिलाओं का ई-केवाईसी
किया जा रहा है। शिविरों में हितग्राहियों की पहचान बायोमेट्रिक सिस्टम और
आधार कार्ड के माध्यम से की जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि योजना
का लाभ पात्र हितग्राहियों तक ही पहुंचे। बड़ी संख्या में महिलाएं इन
शिविरों में पहुंचकर अपने दस्तावेजों का सत्यापन करा रही हैं।
महिला एवं
बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा मौके पर
ही महिलाओं को ई-केवाईसी की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और इसके बारे में
विस्तार से जानकारी दी जा रही है। जिले में 3 लाख 3 हजार 808 हितग्राहियों
का ई-केवाईसी किया जाना है। इसके लिए 367 सीएससी सेंटरों को आईडी जारी किया
गया है। विभिन्न चॉइस सेंटरों के माध्यम से ई-केवाईसी का कार्य जारी है।
ई-केवाईसी अनिवार्य
गौरतलब
है कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा पात्र विवाहित महिलाओं
को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सार्थक पहल साबित हो रही
है। शासन ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य
कर दिया है। ऐसे में जिन हितग्राहियों का सत्यापन लंबित रहेगा, उन्हें
आगामी किस्त का लाभ मिलने में कठिनाई आ सकती है। महिला एवं बाल विकास विभाग
ने सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे शिविर में पहुंचकर अपना
ई-केवाईसी पूर्ण कराएं। जिससे योजना का लाभ निरंतर और बिना किसी बाधा के
मिलती रहे।
