महासमुंद शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक महामाया मंदिर रोड पर इन दिनों जनजीवन अस्त-व्यस्त है। यहाँ के दुकानदारों और राहगीरों को पिछले तीन हफ्तों से दोहरी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ जहाँ पूरी सड़क रात के समय अंधेरे में डूबी रहती है, वहीं दूसरी तरफ निर्माणाधीन नाली के मलबे से उठने वाली धूल ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।
20 दिनों से अंधेरे में सड़क
स्थानीय निवासियों के अनुसार, महामाया मंदिर रोड की स्ट्रीट लाइटें पिछले 20 दिनों से बंद पड़ी हैं। शाम ढलते ही पूरी सड़क पर अंधेरा छा जाता है, जिससे न केवल दुर्घटनाओं का डर बना रहता है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी यह चिंता का विषय है। अंधेरे के कारण ग्राहकों ने शाम के समय बाजार आना जाना कम कर दिया है, जिसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है।

धूल से बढ़ा व्यापारियों का संकट
समस्या यहीं खत्म नहीं होती। सड़क के किनारे चल रहे नाली निर्माण कार्य ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। खुदाई के बाद छोड़ी गई मिट्टी अब धूल बनकर उड़ रही है। स्थानीय दुकानदार अनिल शर्मा का कहना है कि
नाली का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। दिन भर उड़ती धूल की वजह से दुकानों में रखा सामान खराब हो रहा है। हम दुकानदारों को सांस लेने में दिक्कत भी हो रही है और धूल के कारण ग्राहक दुकान के अंदर आने से कतरा रहे हैं। प्रशासन को कई बार सूचित किया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्वास्थ्य और व्यापार पर असर
धूल के लगातार संपर्क में रहने के कारण क्षेत्र के दुकानदारों और कर्मचारियों में सर्दी-खांसी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। व्यापार मंडल के अन्य सदस्यों ने भी चेतावनी दी है
प्रशासनिक सुस्ती
हैरानी की बात यह है कि मुख्य मार्ग होने के बावजूद संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका और निर्माण विभाग कब अपनी नींद से जागते हैं और महामाया मंदिर रोड के व्यापारियों को इस नरक जैसी स्थिति से निजात दिलाते हैं।
मुख्य समस्याएं
- 20 दिनों से बंद स्ट्रीट लाइटें बंद
- रात में पूरा इलाका अंधेरे में
- निर्माण कार्य से लगातार धूल
- स्वास्थ्य समस्याएं (खांसी, आंखों में जलन)
- व्यापार में गिरावट
