कोरबा (एनएच-130 और पाली थाना क्षेत्र) में बुधवार को दो अलग-अलग सड़क हादसों ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। इन घटनाओं में कुल 5 लोग घायल हो गए, जिनमें से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों ही हादसे अलग-अलग परिस्थितियों में हुए, लेकिन प्राथमिक कारण तेज रफ्तार, लापरवाही और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी ही सामने आई हैं।
शराब के नशे में बाइक की जोरदार टक्कर
पहली घटना बागों थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच-130 पर रेगनिया के पास बुधवार दोपहर में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो बाइक सवार तेज रफ्तार में आए और कथित तौर पर शराब के नशे में वाहन चला रहे थे। इसी दौरान दोनों बाइकों के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में कुल चार लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत घायलों को सड़क किनारे सुरक्षित किया गया और 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई।
एंबुलेंस के पहुंचने पर सभी घायलों को पोड़ी उपरोड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही बागों थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाना हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
दूसरी गंभीर घटना बुधवार देर रात लगभग 1 बजे पाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे पर टोल नाका से ठीक पहले हुई। यहां कोयले से लदी एक ट्रेलर सड़क किनारे खड़ी थी, क्योंकि उसका डीजल खत्म हो गया था और वह आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, खड़ी ट्रेलर के पीछे किसी प्रकार की रेडियम पट्टी, चेतावनी लाइट या संकेतक नहीं लगाए गए थे, जिससे रात के अंधेरे में वह वाहन अन्य चालकों को स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे सका।इसी दौरान तेज रफ्तार में आ रही कोयला लदी दूसरी ट्रेलर ने पीछे से खड़ी ट्रेलर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों वाहनों का संतुलन बिगड़ गया और दूसरी ट्रेलर अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर बने डिवाइडर से जा टकराई। हादसे के बाद दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर मलबा फैल गया। इस दुर्घटना में एक चालक को मामूली चोटें आईं, जबकि दूसरा चालक बाल-बाल बच गया। ट्रेलर चालक ने बताया कि वाहन कुसमुंडा क्षेत्र से बिलासपुर की ओर कोयला लेकर जा रहा था और रास्ते में यह दुर्घटना हो गई।
यातायात व्यवस्था प्रभावित
हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। टोल नाका के कर्मचारी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाद में सड़क पर बैरिकेड्स लगाकर और रस्सियों की मदद से मार्ग को अस्थायी रूप से बंद किया गया, जिसके बाद वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दोनों घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ नशे में वाहन चलाना, तो दूसरी तरफ खड़े भारी वाहनों पर चेतावनी संकेतों की कमी—ये दोनों ही कारण बड़े हादसों को जन्म दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक होने के बावजूद सुरक्षा उपायों की अनदेखी आम बात हो गई है, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
