पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख दल लगातार रैलियों और जनसभाओं के जरिए जनता को साधने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में तीन अलग-अलग स्थानों पर जनसभाओं को संबोधित किया, जबकि देशभर में उन्होंने कुल चार सभाओं को संबोधित किया।
इन्हीं कार्यक्रमों के बीच झारग्राम की एक जनसभा के दौरान एक दिलचस्प और हल्का-फुल्का पल भी देखने को मिला। रैली के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्थानीय बाजार में पहुंचे, जहां उन्होंने बंगाल के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड “झालमुड़ी” का स्वाद लिया। पारंपरिक कुर्ता और लाल रंग के स्टॉल में नजर आए प्रधानमंत्री को एक छोटी दुकान पर अखबार के ठोंगे में परोसी गई झालमुड़ी खाते हुए देखा गया।
इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों से बातचीत भी की और खासकर महिलाओं के साथ समय बिताया। कई महिलाओं ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
माहौल हुआ खुशनुमा
इस मुलाकात के दौरान दुकानदार ने उनसे पूछा कि क्या वे प्याज खाते हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया कि “हां, प्याज खाता हूं, बस दिमाग नहीं।” उनके इस जवाब पर वहां मौजूद लोग मुस्कुरा उठे और माहौल कुछ देर के लिए काफी खुशनुमा हो गया।
सोशल मीडिया पर किया साझा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पूरे अनुभव की तस्वीरें और एक छोटा वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि व्यस्त चुनावी कार्यक्रमों के बीच झारग्राम में स्थानीय स्वादिष्ट झालमुड़ी का आनंद लेना एक सुखद अनुभव रहा। उनकी इस पोस्ट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप
इसके बाद प्रधानमंत्री ने झारग्राम में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया, जो आदिवासी बहुल क्षेत्र है। अपने संबोधन में उन्होंने पश्चिम बंगाल की मौजूदा तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में घुसपैठ को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन पर असर पड़ रहा है।
भ्रष्टाचार का आरोप
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि बंगाल की विरासत, संस्कृति और पहचान को बचाने का चुनाव है। उन्होंने राज्य सरकार पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने, भ्रष्टाचार बढ़ने और कथित वसूली के माहौल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
इस तरह चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री का यह दौरा राजनीतिक संदेशों और एक हल्के-फुल्के जनसंपर्क दोनों के लिए चर्चा में बना रहा।
कुछ खास बाते

