गड्ढों में तब्दील मार्ग
प्रदर्शन का मुख्य कारण सरायपाली से सरसींवा तक जाने वाली लगभग 40 किलोमीटर लंबी सड़क है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग लंबे समय से जर्जर है, लेकिन सागरपाली चौक से स्वागत द्वार तक का लगभग 1000 मीटर (1 किमी) का हिस्सा पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है। गर्मी में उड़ती धूल और बारिश में जलभराव के कारण राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर है। यात्री बसें और भारी वाहन इन गहरे गड्ढों के बीच जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। यह मार्ग सरायपाली, बसना और सरसींवा को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण जंक्शन है।
वित्त मंत्री को सुनाई थी पीड़ा
व्यावसायिक, शैक्षिक और चिकित्सा की दृष्टि से केंद्र बिंदु होने के बावजूद इसकी सुध नहीं ली जा रही है। विधायक चातुरी नंद ने बताया कि पूर्व में लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर अल्टीमेटम दिया गया था, जिसके बाद केवल खानापूर्ति के लिए मरम्मत की गई थी। राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रवास के दौरान भी ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा सुनाई थी। मंत्री के आश्वासन के बाद भी पीडब्लयूडी ने काम शुरू नहीं कराया। ऐसे में ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। हालांकि, प्रदर्शन की खबर जैसे ही मंत्री चौधरी को लगी, उन्होंने फौरन फोनकॉल पर ग्रामीणों से बात कर उन्हें भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रदर्शन बंद हो गया।
प्रदर्शनकारियों से चर्चा
मंत्री ने फोन पर बात कर ग्रामीणों को दी समझाइश जाम लगने से यहां भारी पुलिस बल तैनात रहा। दोपहर 12 बजे विधायक चातुरी नंद पहुंचीं। गतिरोध बढ़ता देख मंत्री ओपी चौधरी ने फोन पर विधायक और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। मंत्री ने 3 दिनों में कार्य की प्रक्रिया शुरू कराने का ठोस आश्वासन दिया।
3 बार कराया गया पैचवर्क
मिली जानकारी के अनुसार, सरायपाली से सागरपाली तक 12 किमी सड़क का 3 सालों में 3 बार पैचवर्क कराया गया, जो 4 महीने भी नहीं टिक पाया। पिछले साल नवंबर-दिसंबर में मरम्मत के दौरान सागरपाली चौक के मुख्य हिस्से को छोड़ दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, सरायपाली से सागरपाली तक 12 किमी सड़क का 3 सालों में 3 बार पैचवर्क कराया गया, जो 4 महीने भी नहीं टिक पाया। पिछले साल नवंबर-दिसंबर में मरम्मत के दौरान सागरपाली चौक के मुख्य हिस्से को छोड़ दिया गया।
