जिले दुर्ग में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली हैं। भिलाई के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में अंतरराज्यीय हेरोईन तस्करी से जुड़े एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 91.9 ग्राम हेरोईन और 31 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। इन जब्त हेरोईन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 18.69 लाख रुपए तक आंकी गई है।
10 अप्रैल को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। थाना जामुल पुलिस को खबर मिली थी कि हाउसिंग बोर्ड भिलाई के एक किराए के मकान में कुछ लोग अवैध रूप से मादक पदार्थ छिपाकर उसकी बिक्री के लिए तैयारी कर रहे हैं। पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए जामुल पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने तत्काल योजना बनाकर घेराबंदी की और दबिश दी।
चार संदिग्ध पकड़े गए
छापेमारी के दौरान पुलिस ने चारों संदिग्धों को मौके से ही पकड़ लिया। तलाशी पर उनके पास से भारी मात्रा में हेरोईन बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पंजाब के अमृतसर से हेरोईन लाकर भिलाई और आसपास के क्षेत्रों में खपाने की योजना बना रहे थे। इसके लिए उन्होंने हाउसिंग बोर्ड इलाके में एक किराए का मकान लिया था, जिसे उन्होंने अपने कारोबार के संचालन का अड्डा बना रखा था।

और भी लिंक की तलाश
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजविंदर कौर (19 वर्ष), राजवीर सिंह (32 वर्ष), कुलदीप सिंह (39 वर्ष) और लवप्रीत सिंह (22 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी आरोपी पंजाब के अमृतसर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने चारों के खिलाफ थाना जामुल में अपराध क्रमांक 236/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) और 27(क) के तहत मामला कायम किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
नेटवर्क की होगी जांच
अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें सप्लाई चेन, फाइनेंसर और अन्य सहयोगियों की पहचान की जा रही है। साथ ही ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस रैकेट का संबंध किसी बड़े गिरोह से तो नहीं। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच का मामला
- सप्लाई चेन में और कौन-कौन शामिल हैं
- फाइनेंसिंग कौन कर रहा था
- क्या यह किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा है
