जिले में किसानों को आधुनिक खेती के प्रति जागरूक करने हेतु विकसित कृषि संकल्प यात्रा का शुभारंभ आज कलेक्ट्रेट परिसर से किया गया। कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने किसान रथ को हरी झंडी दिखाकर प्रचार-प्रसार के लिए रवाना किया। इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जनपद अध्यक्ष महासमुंद दिशा दीवान, नगरपालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, जनपद अध्यक्ष हुलसी चंद्राकर, जिला रेडक्रॉस समिति के अध्यक्ष संदीप दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इसी तरह अन्य विकासखण्डों में भी जनप्रतिनिधियों द्वारा किसान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ने पर जोर
इस अवसर पर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में विकसित कृषि संकल्प यात्रा का शुभारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती की नवीन तकनीकों से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से किसान जैविक खेती, उन्नत बीज, कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि के तरीकों को समझ सकेंगे।
सरकारी योजनाओं के लाभ पहुंचाने के निर्देश
विधायक ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे और उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आए। उन्होंने जिले के किसानों एवं ग्रामीण जनों से अपील की कि वे 20 मई तक आयोजित इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल चक्र परिवर्तन तथा मिलेट्स की खेती के लाभों की जानकारी प्राप्त करें।
गांव-गांव पहुंचेगा किसान रथ
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने बताया कि विकसित कृषि संकल्प यात्रा के अंतर्गत किसान रथ गांव-गांव जाकर तथा सुशासन तिहार शिविरों में किसानों को कृषि योजनाओं, उन्नत तकनीकों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि शिविरों में सफल किसानों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे, जिससे अन्य किसान प्रेरित होकर उन्नत एवं लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
अभियान की अवधि और प्रमुख विषयों की जानकारी
उप संचालक एफ. आर. कश्यप ने बताया कि जिले में विकसित कृषि संकल्प यात्रा का आयोजन 05 मई से 20 मई 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान किसान रथों के माध्यम से खरीफ सीजन की तैयारी, आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, दलहन-तिलहन एवं मक्का उत्पादन में वृद्धि पर जागरूकता दी जाएगी।
तकनीकी मार्गदर्शन पर विशेष फोकस
अभियान के दौरान किसानों को जैविक खाद, उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, एग्रीटेक पंजीयन और फसल बीमा योजना जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। कृषि विभाग के विशेषज्ञ मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित खाद उपयोग एवं मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपायों पर भी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
