राजधानी में जन-स्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। विभाग की विशेष टीमों ने शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर छापेमारी करते हुए सौंदर्य प्रसाधन (कॉस्मेटिक्स) और मिलावटी डेयरी उत्पादों के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है।
कॉस्मेटिक दुकानों पर कड़ी निगरानी: लेबल और एक्सपायरी की जांच
FDA की टीम ने शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों—बंजारी रोड और गोल बाजार—में अचानक दबिश दी। इस निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य सौंदर्य प्रसाधनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और बाजार में बिक रहे संदिग्ध उत्पादों पर रोक लगाना था।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:
एक्सपायरी डेट: क्या दुकानों में पुराना स्टॉक तो नहीं बेचा जा रहा?
लेबलिंग नियम: क्या उत्पादों पर निर्माता की जानकारी और सामग्री स्पष्ट रूप से अंकित है?
वैध बिलिंग: स्टॉक के वैध दस्तावेज और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की गई।
इसी क्रम में जय गुरुदेव स्टोर्स सहित कई अन्य प्रतिष्ठानों के दस्तावेजों की जांच की गई और उन्हें सख्त चेतावनी दी गई कि नियमों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों की त्वचा और सेहत से खिलवाड़ करने वाले विक्रेताओं पर लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई हो सकती है।
पनीर माफिया पर प्रहार: 1060 किलो मिलावटी पनीर नष्ट
कॉस्मेटिक्स के साथ-साथ खाद्य विभाग ने मिलावटी पनीर के अवैध कारोबार की कमर तोड़ने के लिए भी बड़ी कार्रवाई की है। हालिया छापों में रायपुर की दो प्रमुख डेयरी फैक्ट्रियों से लगभग 1060 किलो अमानक पनीर जब्त कर उसे जमीन में दफनाकर नष्ट कर दिया गया।
1. भाटागांव की KLP डेयरी में मिली भारी गंदगी
रविवार को एक गुप्त शिकायत के आधार पर टीम ने भाटागांव स्थित KLP डेयरी एंड प्रोडक्शन पर धावा बोला। वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था; फैक्ट्री के भीतर साफ-सफाई का नामो-निशान नहीं था।
जब्ती: टीम ने तत्काल 540 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया।
बरामदगी: मौके से भारी मात्रा में मिल्क पाउडर के बोरे और पाम ऑयल/तेल के टिन मिले हैं, जिनका इस्तेमाल पनीर के वजन और फैट को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए किए जाने की आशंका है।
2. उरला में SJ डेयरी पर पुलिसिया पहरे में कार्रवाई
उरला के कन्हेरा रोड स्थित SJ डेयरी प्रोडक्ट पर भी विभाग ने छापामार कार्रवाई की। यहाँ भी अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में पनीर का निर्माण हो रहा था। यहाँ से 500 किलो पनीर जब्त किया गया।
हाई वोल्टेज ड्रामा: उरला में कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालकों और स्थानीय लोगों ने टीम का कड़ा विरोध किया। स्थिति बिगड़ते देख उरला थाना प्रभारी को अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मोर्चा संभालना पड़ा, जिसके बाद विभाग अपनी कार्यवाही पूरी कर सका।
विभाग की अगली रणनीति: लैब रिपोर्ट का इंतजार
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए पनीर और कच्चे माल (मिल्क पाउडर व तेल) के सैंपल राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।
कड़ी पूछताछ: दोनों फैक्ट्री मालिकों से पूछताछ जारी है और उनके लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
सख्त चेतावनी: विभाग ने कहा है कि यदि लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।

