राजधानी दिल्ली के व्यस्त व्यावसायिक इलाके गांधी नगर मार्केट में रविवार को भीषण आग लगने की घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी। यह बाजार एशिया के सबसे बड़े रेडीमेड और थोक कपड़ा बाजारों में गिना जाता है, जहां रोजाना हजारों व्यापारी और ग्राहक आते-जाते हैं। ऐसे में आग लगने की खबर ने न केवल स्थानीय व्यापारियों बल्कि आसपास के लोगों में भी भारी दहशत पैदा कर दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले एक गोदाम में लगी, जहां बड़ी मात्रा में कपड़ा और अन्य ज्वलनशील सामान रखा हुआ था। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास की एक दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। संकरी गलियों और घनी आबादी वाले इस बाजार में आग तेजी से फैलने लगी, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।
आग बुझाने का अभियान शुरू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर काबू पाने के लिए लगातार पानी की बौछारें की जा रही हैं और आसपास की इमारतों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है।
सुरक्षित निकाल बाहर
आग लगने के समय गोदाम और दुकान में मौजूद कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। हालांकि, इलाके में फैले घने धुएं के कारण स्थानीय लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। एहतियात के तौर पर आसपास की कई दुकानों को तुरंत खाली करा लिया गया और पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर आवाजाही पर नियंत्रण कर दिया।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की जताई जा रही है। आग पूरी तरह बुझने के बाद फायर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा विस्तृत जांच की जाएगी।
व्यवस्थाओं पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बाजारों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऐसे इलाकों में, जहां ज्वलनशील सामग्री बड़ी मात्रा में मौजूद रहती है, वहां अग्नि सुरक्षा के कड़े इंतजाम बेहद जरूरी हैं। फिलहाल राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन आर्थिक नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए कुछ जरूरी कदम हो सकते हैं:
- नियमित फायर ऑडिट और सख्त अनुपालन
- इलेक्ट्रिकल सिस्टम की समय-समय पर जांच
- दुकानदारों और कर्मचारियों के लिए फायर ड्रिल
- बाजारों में फायर हाइड्रेंट और चौड़े रास्तों की व्यवस्था