बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में दो साल से अधिक समय से लापता युवक के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें मृतक के ही दोस्त बताया जा रहा है। साथ ही पुलिस ने एक नाले से मानव कंकाल और सिर का हिस्सा बरामद किया है, जिसे लापता युवक का ही अवशेष माना जा रहा है।
यह पूरा मामला करीब 25 महीने पुराना है। जानकारी के अनुसार, कुचायकोट के सासामुसा गांव का रहने वाला चंदन नामक युवक एक दिन अपने घर से दोस्तों के साथ निकला था, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने कुचायकोट थाने में उसके अपहरण की आशंका जताते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि शुरुआती जांच में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका था।
संदिग्धों की गतिविधियों से मिल सुराग
लंबे समय तक मामला ठंडे बस्ते में रहने के बाद हाल ही में पुलिस ने इसे दोबारा गंभीरता से लिया। गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने इस मामले को सुलझाने के लिए एक विशेष जांच टीम गठित की। टीम ने पुराने मोबाइल कॉल डिटेल्स, लोकेशन डेटा, परिजनों से मिली जानकारी और संदिग्धों की गतिविधियों की जांच के आधार पर दो लोगों दीपक कुमार और मन्नू कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
बरामद हुआ मानव कंकाल
पुलिस की सख्त पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों से कई अहम जानकारियां सामने आईं, जिसके बाद जांच टीम ने दंडाधिकारी की मौजूदगी में सासामुसा क्षेत्र के एक नाले की जेसीबी से खुदाई कराई। खुदाई के दौरान वहां से एक मानव कंकाल और सिर का हिस्सा बरामद हुआ।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस का दावा है कि बरामद अवशेष लापता चंदन के ही हैं, जिसकी पुष्टि परिजनों ने प्रारंभिक पहचान के आधार पर की है। जांच अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने यह स्वीकार किया है कि जिस दिन चंदन लापता हुआ था, उसी दिन उसकी हत्या कर दी गई थी और बाद में शव को नाले में फेंक दिया गया था ताकि पहचान छिपाई जा सके।
फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस अब बरामद कंकाल का वैज्ञानिक और डीएनए परीक्षण कराने की तैयारी कर रही है, ताकि मामले की अंतिम और पुख्ता पुष्टि की जा सके। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में भी चर्चा का माहौल है।