छत्तीसगढ़ में सूरज के कड़े तेवर और भीषण लू के बीच राहत भरी खबर आई है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के मौसम तंत्र में बड़े बदलाव हुए हैं, जिससे अगले 5 दिनों तक प्रदेश के सभी संभागों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। राजधानी रायपुर और राजनांदगांव जैसी जगहों पर जहां पारा 44 डिग्री सेल्सियस के करीब है, वहीं अब गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
तापमान में गिरावट और राहत के आसार
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव महसूस नहीं किया गया, लेकिन आने वाले 3 दिनों में अधिकतम तापमान में 1-2°C की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तापमान स्थिर रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।
वर्तमान में राजनांदगांव प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां पारा 44.0°C के पार पहुंच गया। वहीं, बस्तर संभाग के जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 25.3°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
महासमुंद में दिखेगा मौसम का असर
महासमुंद जिले में भी भीषण गर्मी का दौर जारी है, लेकिन नए सिस्टम के सक्रिय होने से यहां के आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। जिले के स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। महासमुंद और आसपास के क्षेत्रों में धूल भरी आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी की प्रबल संभावना है, जिससे शाम के वक्त मौसम खुशनुमा हो सकता है।
क्यों बदला मौसम? (प्रमुख मौसमी सिस्टम)
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में तीन प्रमुख सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जो छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं:
चक्रवाती परिसंचरण: दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
पूर्व-पश्चिम द्रोणिका: उत्तर प्रदेश से लेकर नागालैंड तक एक द्रोणिका फैली हुई है।
मध्य प्रदेश से बांग्लादेश तक द्रोणिका: उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से लेकर बांग्लादेश तक 1.5 किमी की ऊंचाई पर एक अन्य द्रोणिका सक्रिय है।
आगामी 48 घंटों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। प्रदेश के कुछ स्थानों पर 40-50 KMPH की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका है।
रायपुर का हाल: राजधानी में आज (30 अप्रैल) आसमान में बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान 43°C के आसपास रहने का अनुमान है।
सावधानी जरूरी: विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें ताकि अचानक होने वाली बारिश से नुकसान न हो।
