दुर्ग में युवक की बेरहमी से हत्या कर शव जलाकर साक्ष्य मिटाने वाले आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश विनोद कुजूर की अदालत ने आरोपी रामचरण चंद्राकर को हत्या और सबूत नष्ट करने के मामले में दोषी ठहराया।
मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र के शक्ति नगर वार्ड-18 का है। आरोपी रामचरण चंद्राकर ने मुकेश उर्फ राजू (38) की टंगिया और त्रिशूल जैसे धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी। वारदात के बाद उसने शव को सात बहिनिया मंदिर, रसमड़ा के पास ले जाकर आग लगा दी, ताकि पहचान और सबूत मिटाए जा सकें।
गर्दन, सीना और चेहरे पर किए थे कई वार
अभियोजन के मुताबिक आरोपी ने मृतक की गर्दन, सीना और चेहरे पर टंगिया से ताबड़तोड़ हमला किया था। वहीं पेट और सिर पर त्रिशूल से वार कर उसकी हत्या की गई। हत्या के बाद शव और सिर को जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई।
मंदिर के पास मिली थी जली हुई लाश
30 जुलाई 2023 की दोपहर रामनारायण मिश्र अपने साथी कृष्णा साहू के साथ रायपुर पावर प्लांट रसमड़ा स्थित मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे। दिशा मैदान के लिए सात बहिनिया मंदिर की ओर जाने पर दोनों ने वहां एक जली हुई लाश देखी। घबराकर दोनों सड़क तक लौटे और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही अंजोरा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी रामचरण चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक एम.के. दिल्लीवार ने पैरवी की।
कोर्ट ने सुनाई ये सजा
अदालत ने आरोपी को:
- धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 1000 रुपए अर्थदंड
- अर्थदंड नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास
- धारा 201 के तहत 5 वर्ष सश्रम कारावास और 1000 रुपए अर्थदंड
- अर्थदंड नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
